राजनैतिक खीचतान के चलते अटके कोलारस के विकाश कार्य



कोलारस - शिवपुरी जिला मुख्यालय के बाद कोलारस-बदरवास जिले की पहली विधानसभा है। जहां से होकर रेल्वे लाईन एवं राष्टï्रीय राजमार्ग गुजरा है। किसी भी शहर को विकाश की गति पर लाने के लिये हाईवे एवं रेल्वे लाईन का होना आवश्यक है। क्योंकि जब तक आबागमन के साधन नहीं होगे तब तक व्यापार एवं विकाश संभव नहीं है। कोलारस में शहर का विकाश तो बडी बात है। रोजगार के साधन न होने के कारण कोलारस नगर के 50 प्रतिशत युवा यातो वेरोजगार है। या फिर 200 रूपये प्रतिदिन से भी कम पर कार्य करने को मजबूर है। कोलारस-बदरवास विधानसभा क्षेत्र की विसंगति यह है। कि यहां विपक्ष के जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के कारण इस विधानसभा का विकाश रूक जाता है। जिसके कारण वेरोजगारों की संख्या में बढोत्तरी दिन प्रति दिन बडती ही चली जा रही है। कोलारस -बदरवास में फसल की आवक अच्छी खासी होने के बाद भी यहां उधौगिक धंदे स्थापित न होने के कारण फसल का भाव उम्मीद के अनुसार किसानों को नहीं मिल पाता साथ ही उदयोग न होने के कारण वेरोजगारों की संख्या कम होने की जगह बडती ही चली जा रही है। विधानसभा एवं तहसील स्तर का विकाश देखना है। तो हमें गुना जिले की राधौगढ, अशोकनगर जिले की ईसागढ, शिवपुरी जिले की पिछोर जाकर देखना चाहिये जोकि तहसील होने के बाद भी विकाश के मामले में जिले को टक्कर देते हुये दिखाई देती है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म