शिवपुरी - शिवपुरी जिले के पोहरी रोड़ पर स्थित ग्राम सिरसौद चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिवस पर रुक्मणी विवाह महोत्सव पर राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित श्री बृजभूषण महाराज जी ने बताया कि कलयुग में भगवान का नाम जाप करना एवं ईश्वर का नाम स्मरण करना ही मुक्ति का एवं संसार में सुख पाने का उत्तम उपाय है क्योंकि कलयुग में ना तो मनुष्य योग कर सकता है ना ध्यान कर सकता है ना ही साधना कर सकता है इसलिए नाम जप के द्वारा ही वह अपना एवं अपने परिवार का कल्याण कर सकता है।
इसलिए अधिक से अधिक मनुष्य को प्रतिदिन ईश्वर का नाम जप करना चाहिए आचार्य जी ने कथा का प्रसंग में सुंदर महारास लीला का वर्णन सुनाया यह जो रासलीला है यह भगवान की अलौकिक लीला है क्योंकि महात्माओं ने तपस्या करके भगवान से पूर्व जन्म में यही वरदान मांगा था कि हम गोपी बनकर के आए और आपके संग में ब्रजभूमि में नृत्य करें तो वही सब संत गोपी बनकर के आए और भगवान ने उनके साथ में नृत्य किया आचार्य जी ने सुंदर कंसवध लीला का प्रसंग सुनाया और कहा कि मनुष्य कितना भी बड़ा बलवान हो धनवान हो अगर वह अधर्म करता है पाप करता है तो भगवान उसको अवश्य दंड देते हैं भगवान जिस प्रकार विद्या अध्ययन करने के लिए उज्जैन नगरी में गए और वहां पर भगवान ने सुदामा जी से मित्रता की एवं बहुत ही कम समय में भगवान श्री कृष्ण ने विद्याएं ग्रहण की इन सभी का प्रसंग आचार्य जी ने बड़े विस्तार पूर्वक सुनाया और बताया कि हमारे जीवन में विद्या का बहुत बड़ा महत्व है।
इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक शिक्षा ग्रहण करना चाहिए क्योंकि जिस राष्ट्र में जिस देश में मनुष्य शिक्षा रहित हो जाते हैं उसे राष्ट्र का पतन हो जाता है इसलिए स्वयं भगवान भी विद्या ग्रहण करने के लिए गुरुकुल में गए आचार्य जी ने कथा के अंत में सुंदर श्री रुक्मणी कृष्ण विवाह का प्रसंग सुनाया और बताया कि भगवान कृष्ण साक्षात नारायण है एवं रुक्मणी जी साक्षात लक्ष्मी जी हैं इसलिए इन दोनों ने पृथ्वी पर आकर के यह लीला की और जन-जन को भक्ति का मार्ग बताया है इस कथा का आयोजन 9 मार्च से 16 मार्च तक किया जा रहा है कथा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक है एवं कथा के मुख्य यजमान श्री विष्णु प्रसाद धाकड़ जी एवं परिवार जन हैं।
