बेगुनाहों को न्याय दिलाने जज ने छोड़ी नौकरी

बेगुनाहों को न्याय दिलाने जज ने छोड़ी नौकरी, करने लगे हैं पैरवीनई दिल्ली- भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने और बेगुनाहों को न्याय दिलाने के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश(एडीजे) अनिल गायकवाड़ ने नौकरी छोड़ दी है। जज्बा और जुनून ऐसा कि बीते चार वर्षों से वे वनवासी अंचल के अलावा गांव में रहने वाले ग्रामीणों को मुफ्त में कानूनी सलाह दे रहे हैं और केस भी लड़ रहे हैं। अपने सेवाकाल में उन्होंने राज्य शासन के दो बड़े भ्रष्टाचार को भी उजागर किया। भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस कांड के दौरान उन्होंने गैस त्रासदी में पीड़ित लोगों को राहत दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाई। दो साल के भीतर 500 गैस पीड़ितों को उन्होंने मुआवजा भी दिलाया।जज गायकवाड़ का जीवन संघर्षों से भरा हुआ है। पिता नारायण राव गायकवाड़ डाकघर में तार बाबू के पद पर काम कर रहे थे। मामूली नौकरी करते हुए उन्होंने बेटे को बीएससी एलएलबी तक की पढ़ाई कराई। घर की माली हालत से अच्छी तरह वाकिफ बेटे ने तब पिता की बात का विरोध नहीं किया और शिक्षक पद के लिए जिला शिक्षाधिकारी के कार्यालय में आवेदन दे दिया। पढ़े-लिखे होने के कारण उच्च श्रेणी शिक्षक के पद पर उनकी नियुक्ति हो गई। वर्ष 1979 में सरगुजा के वाड्रफनगर हायर सेकेंडरी स्कूल में पहली पोस्टिंग हुई। एक साल के भीतर उनका तबादला सीतापुर स्कूल में हो गया।

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