कोलारस - 2023 में विधानसभा उसके बाद अगले वर्ष 2024 में लोकसभा के चुनाव होना है चालू वर्ष 2022 में 20 दिन शेष बचे है इस हिसाब से अनुमान लगाया जाये तो प्रदेश की सरकार विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी मोड़ में आ चुकी है जिसका परिणाम यह है कि चार वर्ष तक जो अधिकारी सरकार को अच्छे लग रहे थे उन्हीं में कामचोर, कमीशनखोर, हरामखोर नजर आने लगे है और सरकार अब जनता का दिल जीतने के लिये उन पर कार्यवाही कर रही है जनता पूछ रही है चार वर्ष तक कहां थे सरकार जिस प्रकार पिछले विधानसभा चुनाव में जनता ने सरकार के खिलाफ जनादेश दिया था इस बार जनता महगाई, खाद्य, विजली, भ्रष्टाचार से त्रस्त है जनता का फैसला क्या होगा आप स्वयं भली भांति समक्ष सकते है।
2022 में 20 दिन शेष बचे है यह बात हम पुनः इस लिये कर रहे है क्योंकि अगले वर्ष विधानसभा के चुनाव होना है और उसके तत्काल बाद लोक सभा के चुनाव हमारा मुददा लोक सभा चुनावों को लेकर है लोकसभा चुनावों के परिणाम के बाद गुना लोकसभा क्षेत्र से केन्द्रीय मंत्री ंिसंधिया की दूरी तथा ग्वालियर में सबसे ज्यादा कार्यक्रम एवं सभाऐं करना यह बताने के लिये काफी है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया यदि चुनाव लडते है तो वह गुना से नहीं ग्वालियर से लड़ेंगे यह बात हम नहीं बल्कि पूर्व के चंबल लोकसभा क्षेत्र के परिणाम बताते है कि महल का सदस्य जिस लोकसभा से एक बार संतोष जनक परिणाम न मिलने के बाद उस लोकसभा में दुवारा नहीं गये यही फॉर्मूला गुना लोकसभा पर भी लागू होता हुआ नजर आ रहा है लोकसभा चुनाव के बाद गुना, शिवपुरी में बड़े कार्यक्रम छोड़कर लोकसभा क्षेत्र की अन्य विधानसभाओं से महल की दूरी तथा ग्वालियर लोकसभा में सबसे ज्यादा समय देना सिंधिया की ग्वालियर से लोकसभा की तैयारियों का संकेत देता है यदि सिंधिया ग्वालियर जाते है और उनकी पसंद का टिकिट गुना लोकसभा में मिलता है तो महेन्द्र यादव खतौरा बालों को गुना लोकसभा से उम्मीदवार बनाया जा सकता है और यदि संगठन के अनुसार टिकिट दिये जाते है तो वर्तमान सांसद केपी यादव का टिकिट पुनः रिपीट हो सकता है और यदि सर्वे के अनुसार लोकसभा क्षेत्र में टिकिट वितरण होता है तो किसी अन्य को भी मौका मिल सकता है।