महाराज के आंसुओं ने पूर्व राजा को विधायक तक बनाने में निभाई अहम भूूूूमिका
शिवपुरी - सोमवार का दिन दतिया के पूर्व राजा एवं पूर्व विधायक घनश्याम सिंह के जीवन में एक बार पुनः दतिया का ताज अल्प समय के लिये उनके सिर पर दिखाई देने का दिन सावित हुआ दतिया के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने टिकिट बदलकर पूरी तागत यानि की सभी मंत्रियों से लेकर विधायक, केन्द्रीय मंत्री से लेकर संगठन तक को चुनाव मैदान में उतार दिया किन्तु दतिया की जनता ने प्रदेश की सरकार एवं विकास को नजर अंदाज करते हुये एक बार पुनः घनश्याम सिंह को दतिया का विधायक बनाकर विधानसभा में भेज दिया भले ही घनश्याम सिंह विपक्षी दल के विधायक बने हो लोगो के कार्यो से लेकर विकास हो न हो किन्तु दतिया की जनता ने जो ठाना बो करके भी दिखा दिया जिसे दतिया ही नहीं पूरे प्रदेश से लेकर केन्द्र की सरकार ने भी देख लिया कि टिकिट बदलने का परिणाम क्या होता है पूरी की पूरी सरकार एक कुन्ने में धर दी दतिया के लोगो ने दतिया में परिणाम बाले दिन एक ही चर्चा गली गली में सुनाई दी कि किसी भी पार्टी की हिटलरशाही पॉलिसी को दतिया की जनता वर्दास्त नहीं करेंगी जिसका परिणाम सोमवार को हम सबके सामने है।
भाजपा नेता के आंसुओं का बदला लिया दतिया की जनता ने - विधानसभा उपचुनाव के प्रचारों के दौरान भाजपा नेता मिश्रा ने भरे मंच से कहा था कि आशुतोष तिवारी की टिकिट काटने की हैसियत नहीं है और भरे मंच से अपने दर्द भरे आंसू के बीच मिश्रा अपने उदबोधन को बीच में ही छोडकर चले गये दतिया के लोगो को अपने नेता के आंसू का बदला सोमवार को बता दिया कि अपने नेता के आंसू हम किसी हिटलशाही पॉलिसी के आगे बर्दास्त नहीं करेंगे हमारी समस्याओं से लेकर विकास का कार्य हो न हो किन्तु हम अपने नेता के आंखो में आंसू नहीं देख सकते इस तरह की चर्चाऐं चुनाव परिणाम आने के बाद सोमवार को दतिया की गलियों में चर्चा का विषय बनी रही।