सरकार असम से एक-एक घुसपैठिये को बाहर करेगी- अमित शाह

विपक्षी दल कितना भी हो-हल्ला करें, सरकार असम से एक-एक घुसपैठिये को बाहर करेगी : अमित शाहमेरठ- बीजेपी अब 2019 के लोकसभा चुनाव में एनआरसी और बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुुद्दा जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रही. वह इस बात की कोशिश कर रही है कि ऐसा माहौल बने की जिससे लगे कि पार्टी देश की सुरक्षा के साथ खड़ी है और बाकी दल इसके खिलाफ हैं. उत्तर प्रदेश के मेरठ में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि विपक्षी दल चाहे जितना हो-हल्ला करें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार असम के 40 लाख घुसपैठियों में से एक-एक को बाहर करेगी. केंद्र सरकार घुसपैठियों के प्रति उदारता बरतने के मूड में नहीं है. पश्चिम बंगाल की तरफ इशारा करते हुए शाह ने कहा कि देश में जहां-जहां घुसपैठिए हैं, उन सबको देश से बाहर जाने का रास्ता भाजपा की सरकार दिखाएगी. उन्होंने कहा कि हिंदू शरणार्थियों को देश में लाया जाएगा और उन्हें नागरिकता प्रदान की जाएगी।उनके 45 मिनट के भाषण में सारा फोकस हिंदुत्व, दलित, पिछड़ा और कार्यकर्ताओं को पार्टी के प्रति समर्पित करने की सीख देने पर रहा. उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों को शरण देने के मामले में मैं कल ममता बनर्जी को चेताकर आया हूं." पिछड़ों और दलितों को पार्टी के पक्ष में एकजुट करने को लेकर अमित शाह ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का काम मोदी सरकार ने किया. इससे पहले की सरकारें सोती रहीं, उन्हें पिछड़ों और दलितों का ध्यान नहीं रहा, उन्होंने तो पिछड़ों और दलितों को सिर्फ वोटबैंक की तरह सत्ता हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया. शाह ने कार्यकर्ताओं को पुचकारते हुए संदेश देने की कोशिश की, जो योगी सरकार में अपने निजी काम-काज को लेकर बड़ी उम्मीदें रखे हुए हैं. उन्होंने कहा, "बेवजह चिल्ल-पों क्यों मचाते हो, हम सपा-बसपा से तो लड़ सकते हैं, उनके गठबंधन से भी. गठबंधन से हमे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन आप मेरे परिवार के हो, इसलिए आप से नहीं लड़ सकता हूं।मिसाल देते हुए कहा, "दूल्हा अगर काना भी होता है तो शादी में औरतें मंगल गीत गाती हैं. आपकी तो केंद्र और प्रदेश की सरकारें पूरी तरह से स्वस्थ हैं. दूल्हा भी अच्छा है बाराती भी अच्छे हैं तो उनकी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएं." शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा, "बेकार में ट्रांसफर-पोस्टिंग में क्यों पड़ते हो, अभी तो यह सरकार चार साल तक तो बैठी ही हुई है." अपनी बात सुनाते हुए शाह ने कहा, "हम तो पार्टी के साधारण कार्यकर्ता थे, हम कभी ट्रांसफर-पोस्टिंग में नहीं पड़े." उन्होंने कार्यकर्ताओं का अह्वान किया कि 2019 में इस तरह एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करें कि 74 सीटों का जो लक्ष्य यूपी से है, उसे हासिल कर लें. अभी बूथ के पुनर्गठन का काम चल रहा है कार्यकर्ता उसमें पूरे जोर-शोर के साथ जुटने का संकल्प लें.  उन्होंने कहा, "सपा-बसपा के गठबंधन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा और इस गठबंधन की काट यही है कि हम अपने पक्ष में मत प्रतिशत को 51 प्रतिशत तक ले जाएं।शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 55 साल में देश को बर्बाद करके रखा दिया. इस दौरान विकास अवरुद्ध हो गया, जीडीपी नीचे चली गई, देश का सम्मान विदेशों में गिर गया. नरेंद्र मोदी की सरकार ने पिछले चार सालों में विकास दर को ही नहीं, बल्कि विदेशों में देश के सम्मान को बढ़ाया. भाजपा प्रमुख ने सपा-बसपा को बारी-बारी से निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि सपा ने अपनी सरकार के रहते केवल अपने बंगलों की चिंता की, जबकि हमने गरीब को घर देने की चिंता करते हुए उन्हें घर दिया. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यह काम हो रहा है। 


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