शासकीय कार्यालय में बिना दलालो के नहीं होता कार्य

कोलारस की जनता लुट रही है, दलालो के हाथो जनप्रितिनिधि सादे है, पूरी तरह से माेेन 
शासकीय कार्यालयों में कुर्सी से नदारत मिले जिम्‍मेदार अधिकारी 
कोलारस – सरकार जहां आम लोगो को अनेक जनकल्‍याण कारी योजनाओं का लाभ देने के लिये प्रयास कर रही है, परन्‍तु सरकार की इस मंशा को पूरा नहीं होने दे रही सरकारी कार्मचा‍री से लेकर अधिकारी शासकीय कार्यालयों में बिना दलालों के आम लोगों का काम नहीं हो पाता है, कोलारस के तहसील कार्यालय जनपद कार्यालय, महिला बालविकास विभाग , राजस्‍वविभाग , वन विभाग, पीएचई कार्यालय, शिक्षा विभाग, में जम कर आम जनता का शोषण जारी है, राजस्‍व विभाग में सवसे अधिक शिकायते नामांतरण कि है, और जाति,मूल निवासी, के लिये आज भी लोग भटक रहे है, बिना दलालो के आम लोगों के काम नहीं हो पाते है, यहां पर जनता परेशान है, और जनप्रितिनिधि अपना जन्‍म दिन और सोशल मीडिया पर बैठक कर के बाह बाही लूट रहे है, इस का परिणाम सत्‍ता के मंद में चूर भाजपा को परेशान जनता बीते माह हुये उपचुनाव में जता चुकी है।
शासकीय कार्यालयों से अधिकारी रहते है, हर समय गायव
कोलारस के शासकीय कार्यालयों से हर समय अधिकारी गायव रहते है, जब हमारे संवाददाता दीपक वत्‍स/अनंत सिंह जाट , रोहित बैरागी ने महिला बाल विकास विभाग, कृषि कार्यालय , पीएचई कार्यालय , से अधिकारी गायव मिले नगर परिषद कार्यालय में जरूर सीएमओ मेड्म बैठी हुयी थी, शासकीय कार्यालयों में पदस्‍थ अधिकांश अधिकारी यहां पर अनेक वर्षों से कुण्‍डली मार कर बैठे हुये है, जिसके चलते यहं नजारा यहां पर देखने को मिल रहा है, पीएचई विभाग में अधिकारी मिलते ही नहीं है, जिसके चलते ग्रामीण अंचलों में नल जल योजना, हेंड्पम्‍प खराव पड़े है, कुल मिला कर शासकीय विभागों में अराजकता और लापर वाही लूट पाट मची हुयी है।
जनता परेशान तो वही जनप्रितिनिधि मस्‍त 
कोलारस – कोलारस में भाजपा से लेकर कांग्रेस के जनप्रितिनिधि जनता की समस्‍या का समाधान नहीं कराते और जब-जब चुनाव आते है, तो जनप्रितिनिधियों को जनता की याद आ जाती है, परन्‍तु चुनाव बाद यहं विकास की ओर ध्‍यान नहीं देते है, और जनता की समस्‍याओं की ओर विलकुल ध्‍यान नहीं देते जिसके चलते कोलारस की जनता यहं कहती है, कि कोलारस में नेता नहीं है, विधायक भी जनता की सुनवाई नहीं करते और कहने को तो जनता दरवार लगा रहे है, परन्‍तु इनसे यदि पूछा जायें की अभी तक कितनी समस्‍यायें हल करवाई गई है, यहां पर सत्‍तादल से लेकर विपक्ष तक के जनप्रितिनिधि जनता लुट रही है, और वहं तमासा देख रहे है, जिसका परिणाम आने वाले चुनावों में निकल कर सबके समाने आयेगा, जहां चुनाव नजदीख है, और नेताओं के चेहरो पर हवाईयां उड़ती हुयी दिखाई दे रही है, परन्‍तु कोलारस के नेता मस्‍त दिखाई दे रहे है। 

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