जैसे-जैसे गर्मी बढ रही है ग्रामीण क्षेत्रो में पानी के लिए कर रहे है ग्रामीण रतजगा




दीपक बत्स कोलारस-गर्मी आने से पहले सरकार द्वारा जिला कलैक्टरो को पानी के लिए ग्राम पंचायतो में भरपूर बजट देने के आदेश दिये जाते है कलैक्टर द्वारा जिला पंचायत के माध्यम से साध ही पीएचई विभाग द्वारा खराब पडे हैडपम्प सहित पानी की बर्बादी रोकने के आदेश दिये गये परन्तु इसके बाबजूद भी ग्रामीण क्षेत्रो में पानी के लिए लोग रतजगा कर रहे है और दिन तो दिन रात में भी जाग कर पानी लाने को विवश दिखाई दे रहे है। कोलारस अनुविभाग केे अंतर्गत आने बाले ग्राम कुल्हाडी, मोहरा, राजगढ, पटसारी, किलावनी, तोर, टीला, बौलाज, खोंकर सहित अनेक गांवो में हैडपम्प खराब है और ग्रामीण लोग इधर-उधर जाकर बडी मुश्किल से पानी लाकर अपनी प्यास बूझा रहे है। 

नल जल योजना के तहत बनाई गई टंकियां बनी शो पीस
पीएचई विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में नल जल योजना पंचायतो के सहयोग से शुरू की गई थी परन्तु कोलारस के अंतर्गत आने बाले ग्रामीण अंचलो में योजना शुरू होने के बाद मुश्किल से 5-6 माह चली परन्तु इसके बाद नलो में से पानी आना ही बंद हो गया जिसके चलते ग्राम तेन्दुआ, राजगढ, डेहरवारा  सहित अधिकांश ग्राम में टंकियां तो मौजूद है परन्तु यह शोपीस बनी हुई है और अधिकांश टंकियां तो टूट गई भारी भरकम्प बजट इस योजना े तहत दिया गया था जिसको पंचायत के कर्ता धरताओ सहित पीएचई विभाग के अधिकारियो ने मिल कर हजम कर लिया। घर-घर गांव में पानी पहुंचाने के उददेश्य से पाईप लाईन डाली गई परन्तु अब यह पाईप लाईन ही धरातल पर दिखाई नही दे रही जबकि अनेक गांवो में यह योजना सुचारू रूप से चल रही है। 

पीएचई विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे है ग्रामीण लोग
पीएचई विभाग में मनमानी इस कदर हावी है कि यहां पर पदस्थ आलाधिकारी से जब भी सम्पर्क कर खराब हैडपम्प सुधारे जाने की बात कही जाती है तो वह बजट न होने की बात कह कर दूर हट जाते है। पीएचई विभाग की लापरवाही के चलते कोलारस से दो किलो मीटर की दूरी पर स्थित ग्रमा मोहरा में लोग पानी के लिए रात-रात भर जाग रहे है और गांव से तीन किलोमीटर दूर स्थित मंदिर से पानी ला रहे है। यहां पर मंदिर के पास जाटव मोहल्ला, पाल मोहल्ला में लगे हुये हैडपम्प खराब है ग्रामीणजन अनेक बार पीएचई कार्यालय जाकर उन हैडपम्पो को सुधारे जाने की बात कह चुके है परन्तु बजट का अभाव बता कर उनको भगा दिया जाता है। जिसके चलते ग्रामीण लोग पानी के लिए परेशान है ग्राम पंचायत द्वारा भी पानी की उचित व्यवस्था नही की गई। ग्राम पंचायत के टेंकर का अता पता नही है जिसके चलते ग्रामीण लोगो में आक्रोश व्याप्त है। ग्राम मोहरा, राजगढ, भटौआ, बेरखेडी, टीला, कुल्हाडी, खोंकर, ढिमरपुरा, चिलावद, डेहरवारा, बूढी राई, किलावनी, जूर, कुम्हरौआ में विभाग की लापरवाही सहित पंचातय की मनमानी के चलते पानी का संकट गहरा गया है। इस भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए इधर उधर भटक रहे है इसके बाबजूद भी न तो ग्राम पंचायत और जन प्रतिनिधि तक ग्रामीण लोगो की इस समस्या की ओर ध्यान नही दे रहे है। 

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