ग्रामीण अंचलो में पानी के लिए मची हाहाकार, पीएचई विभाग की मनमानी के चलते ग्रामो में खराब पडे हैडपम्प

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कोलारस-कोलारस अनुविभाग केे अंतर्गत आने बाले ग्राम मोहरा, राजगढ, चिलावद, भटौआ,मढीखेडा, खोंकर, रामनगर, पाडोदा, किलावनी, लेवा, बूढीराई, रिजौदा में अधिकांश हैडपम्प विभाग की मनमानी के चलते खराब हालत में दिखाई दे रहे है। ग्रामो में इस समय ग्रामीण लोग खेती से फ्री होकर पानी के काम में उलझे हुये है। पीएचई विभाग पर हैडपम्प ठीक करने मोटर डालने तक का बजट सरकार द्वारा उलब्ध कराया जाता है परन्तु कोलारस पीएचई विभाग में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीण लोगो के फोन तक रिसीव नही करते। जिसके चलते ग्रामीण लोग समस्याऐं लेकर आते है परन्तु हैडपम्प आज तक नही सुधाये गये जिससे ग्रामीण अंचलो में भीषण गर्मी में पानी के लिए मारामारी दिखाई दे रही है। ग्राम डेहरवारा, मोहरा, कुल्हाडी में तो ग्रामीण लोग चार किलो मीटर की दूरी तय करने के बाद पानी ला पाते है। ग्राम मोहरा में जाटव मोहल्ले में लगा हैडपम्प खराब है इसी तरह पाल मोहल्ले में दो हैडपम्प खराब है जिसके चलते तीन किलो मीटर की दूरी पर स्थित देलाखेडी मंदिर पर से पानी लाना ग्रामीणो की मजबूरी बन गया है। ग्राम डेहरवारा में नल जल योजना बंद है और गर्मियो में पानी की परेशानी अधिक हो जाती है जिसके चलते फोर लाईन पार करने के बाद तीन किलो मीटर से पानी ग्रामीण लेकर आते है यहां पर आदिवासी अधिक निवास करते है आदिवासियो ने बताया कि पंचायत द्वारा पानी की कोई उचित व्यवस्था नही की गई जिसके चलते हम सुबह से लेकर देर रात्री तक पानी की जुगाड में इधर उधर भटकते रहते है। ग्राम राजगढ में पूर्व विधायक स्व. रामसिंह यादव द्वारा वोर कराये गये थे एक वोर जाटव मोहल्ले में और एक वोर ब्राहा्रण मोहल्ले में मौजूद है जिससे पूरा गांव पानी भरता है परन्तु भीड अधिक होने के चलते अधिकांश लोग एक किलो मीटर की दूरी तय करने के बाद मंदिर के कुएं से पानी लाते है। कुल मिला के ग्रामीण अंचलो में बीते दिनो चुनाव के चलते जन प्रतिनिधि जनता के बीच पहुंचे जिनको सबसे अधिक समस्या पानी की मिली जिसके चलते ग्रामीण लोग अधिक नाराज दिखे कहीं वोरो में मोटर नही है तो कहीं हैडपम्प में पाईप कम है केविल सहित अन्य समस्याओ के चलते हैडपम्प खराब पडे हुये है और पीएचई विभाग मौन धारण किये हुये है विभाग में अनेक वर्षो से पदस्थ अधिकारी समय पर कार्यालय में नही आते जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रो में पानी के लिए इतनी समस्या दिखाई दे रही है कागजो में मोटरे डाल दी जाती है और कागजो में ही हैडपम्पो की मरम्मत की जा रही है धरातल पर देखा जाये तो हैडपम्प जैसी हालत में थे वैसी ही हालत में खराब पडे हुये है। जन सुनवाई में भी सबसे अधिक शिकायते पानी को लेकर आ रही है यदि पीएचई विभाग  खराब पडे हुये हैडपम्पो को दुरूस्त करने की कार्यवाही को अंजाम दे तो थोडी बहुत समस्या पानी की ग्रामो में कम हो सकती है। 
इनका कहना है।
हमारे गांव में इस समय पानी की अधिक समस्या है जिसके चलते देवी के मंदिर पर लगे हुये तीन हैडपम्प पीएचई विभाग की लापरवाही के चलते खराब पडे है और हम 2 किलो मीटर की दूरी तय करने के बाद खेतो पर से पानी लाने को विवश है। 
विपिन गुप्ता
निवासी मोहरा 

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