पश्चिमी UP में हार की समीक्षा बैठक में आपस में भिड़ गए कांग्रेसी

Congress General Secretary Jyotiraditya Sceindia
लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा राजधानी दिल्ली के यूपी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए. एक-दूसरे पर आरोपों की बौछार कर दी और जमकर हंगामा किया. गाजियाबाद के एक नेता ने गाजियाबाद के प्रत्याशी पर गंभीर आरोप लगाया. प्रभारी ने दावा किया कि गाजियाबाद की प्रत्याशी को बड़े नेताओं के दबाव में दिया गया. मीटिंग के बाद पार्टी नेता केके मिश्र ने हंगामे की वजह मीटिंग का देर से शुरू होना बताया.
मिश्र ने आरोप लगाया कि वह लोग सुबह 10 बजे से ही कार्यालय पर जमे थे, जबकि मीटिंग शाम 3 बजे  शुरू की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च पदों पर आसीन पार्टी के नेदता सही सदस्यों के साथ मीटिंग किए बगैर निर्णय ले ले रहे, यही चुनाव परिणाम के लिए भी जिम्मेदार हैं. मिश्र ने कहा कि मैंने सिंधिया को बताया कि मेरे पास गुलाम नबी आजाद के खिलाफ बताने को बहुत कुछ है.
: Argument between Congress leaders from Western Uttar Pradesh following a review meeting in Delhi on election results in UP; a Congress leader says, "it's our internal matter".
Congress leader KK Sharma: We're here since 10 am, but meeting was held at 3 pm. Higher leadership that takes decision without meeting right members also responsible for election results. I told Jyotiraditya Scindia Ji in the meeting that I've many things to say against GN Azad" pic.twitter.com/o2qD6D7EhZ
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मीटिंग में पार्टी नेताओं ने दावा किया कि पार्टी के बड़े नेता अध्यक्ष राहुल गांधी को भ्रमित कर रहे थे. बैठक के दौरान कार्यकर्ता आपत्तिजनक बहस पर उतर आए. एक नेता ने आरोप लगाया कि पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी देश में अकेले संघर्ष कर रहे हैं. गौरतलब है कि हालिया लोेकसभा चुनाव में कांग्रेस ने महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज की बेटी डॉली शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा था,  जिन्हें भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी जनरल वीके सिंह ने 8 लाख से अधिक वोटों से मात दी थी.
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 सन  2017 में कांग्रेस के ही टिकट पर मेयर का चुनाव हार चुकी डॉली को उम्मीदवार बनाए जाने से पार्टी के कार्यकर्ता भी चौंक गए थे. पार्टी के टिकट को लेकर डॉली  और पूर्व सांसद सुरेंद्र गोयल के बीच मुकाबला था. बता दें कि 2014 में गाजियाबाद सीट से चुनाव मैदान में उतरे प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर स्वयं उतरे थे. बब्बर को भी 6 लाख से अधिक मतों से मात मिली थी.

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