मानदेय कटौती का निर्णय वापस लेने की मांग को लेकर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन


दीपक वत्स  कोलारस -महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ,सहायिका, एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ,की मानदेय में राज्य सरकार द्वारा ,कटौती किए जाने के आदेश को अनुचित मानते हुए, एक ओर जहां पूरे प्रदेश की कार्यकर्ता, आंदोलन की राह अपना रही हैं ,वही कोलारस ब्लॉक में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ,ने  सोमवार को लामबंद होकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार पूजा यादव ,को एक ज्ञापन सौंपकर, निर्णय को वापस लिए जाने की मांग की ,मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार पूजा यादव ,,को दिए ज्ञापन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि ,8 अप्रैल 2018 को भोपाल में आयोजित दो दिवसीय महापड़ाव के बाद ,राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय की राशि की समीक्षा करते हुए, कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाकर ₹10000 करने की घोषणा की ,एवं 28 मई 2018 को राज्यपाल की ओर से निर्देश अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के माध्यम से ,1 जून 2018 से मानदेय में बढ़ोतरी को लागू कर दिया गया, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त मानदेय की राशि 2000, से बढ़ाकर ₹7000 ,करने के साथ केंद्र का मानदेय ₹3000 जोड़कर कुल 10000 का मानदेय निर्धारित करने के साथ सहायिका एवं उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ,के मानदेय में भी वृद्धि की गई थी ,उसी आधार पर 1 जुलाई 2018 से मानदेय का भुगतान प्रारंभ किया गया ,ज्ञात हो कि मानदेय में वृद्धि को लेकर देशभर मैं आंदोलन किये गये, अंत में 5सितवंर को सीटू द्वारा सांसद के समक्ष 11 सितंबर 2018 को केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में 50% वृद्धि कर इसे 45 सो रुपए ,कर भुगतान करने का आदेश जारी किया, मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन मानदेय में कटौती न किए जाने की मांग की ,एक रैली निकाली जो ए,वी रोड होते हुये, तहसील  कार्यालय पहुंची ,जहां पूजा यादव को ज्ञापन सौंपा गया !!

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