रेडिमेट वस्त्र के व्यवसाय से स्वसहायता समूह पकड़ रहे हैं तरक्की की रफ्तार "खुशियों की दास्तां"

     राज्य सरकार के माध्यम से मप्रडे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा स्वसहायता समूहों को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें आजीविका भवन श्योपुर पर कार्यरत स्वसहायता समूह रेडिमेट वस्त्र के व्यवसाय को तरक्की की रफ्तार पकड़ने में सहायक बन रहे हैं।
     आजीविका भवन श्योपुर पर कार्यरत कई समूहों को मिलाकर रेडिमेट वस्त्र का व्यवसाय प्रारंभ किया है। इस व्यवसाय से स्वसहायता समूह प्रगति की रफ्तार पकड़ रहे हैं। आजीविका भवन श्योपुर पर कलेक्टर श्री बसंत कुर्रे, पुलिस अधीक्षक श्री नगेन्द्र सिंह एवं अपर कलेक्टर श्री दिलीप कापसे के साथ आज रेडिमेट वस्त्रों का अवलोकन किया। साथ ही मप्रडे आजीविका मिशन के सीईओ श्री संदीप शर्मा ने भी इस व्यवसाय का जायजा लिया। 
     स्वसहायता समूहों द्वारा आजीविका भवन श्योपुर पर बनाए जा रहे रेडिमेट वस्त्रों की बाजार में मांग बढ़ रही है। साथ ही हर आदमी रेडिमेट वस्त्रों को लेने के लिए आतुर हो रहे हैं। जिससे स्वसहायता समूह की आय में दिनो-दिन तरक्की हो रही है। आजीविका भवन श्योपुर पर जिला परियोजना समन्वयक श्री एसके मुदगल ने स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार की जा रही सामग्रियों का आने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को अवलोकन कराया। साथ ही रेडिमेट वस्त्रों के व्यवसाय से हो रही आय के बारे में जानकारी दी। 
     आजीविका भवन श्योपुर पर क्षेत्र के स्वसहायता समूहों द्वारा रेडिमेट वस्त्रों के अलावा चप्पल, छात्रों की ड्रेस, सर्ट, सिलाई एवं कड़ाई का कार्य निरंतर किया जा रहा है। साथ ही उत्पादन बढ़ाने के प्रयास जारी है। तैयार किए जा रहे रेडिमेट वस्त्र सभी का मन मोह रहे हैं।  मैदानी स्तर पर भी स्वसहायता समूहों द्वारा आम, केला, बेर के बगीचे लगाए गए हैं। साथ ही बगीचों के माध्यम से उत्पादित माल को बजार में बेचकर आय बढ़ाने में सहयोग दिया जा रहा है। 
     मप्रडे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय पर स्वसहायता समूहों की दीदीयों द्वारा रेडिमेट वस्त्र का व्यवसाय दिनो-दिन तरक्की कर रहा है। जिसका श्रेय मप्र सरकार एवं जिला प्रशासन को जाता है। 

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