मध्य प्रदेश कांग्रेस में जारी विवाद पहुंचा दिल्ली, सोनिया ने तलब की रिपोर्ट

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Courtesy- ANI)

मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरखाने चल रहा घमासान अब आलाकमान तक पहुंच गया है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और सूबे के वनमंत्री उमंग सिंघार के बीच जारी विवाद पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने यह रिपोर्ट मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी से मांगी है. मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरखाने चल रहे विवाद से सोनिया गांधी बेहद नाराज हैं.
दरअसल, मध्य प्रदेश के वनमंत्री उमंग सिंघार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर बताया था. साथ ही दिग्विजय सिंह पर पर्दे के पीछे से सरकार चलाने का आरोप जड़ा था. इसके बाद दिग्विजय सिंह मीडिया के सामने आए थे और सफाई दी थी. उन्होंने उमंग सिंघार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अनुशासनहीनता करने वाले पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. दिग्विजय सिंह ने कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इस विवाद में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कूद पड़े. बुधवार को उन्होंने ग्वालियर में मीडिया से बातचीत की और वनमंत्री उमंग सिंघार का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अपने दम पर चलना चाहिए. इसमें किसी का भी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.
सिंधिया ने कहा कि उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए मुद्दों को अच्छे से सुनना चाहिए. मुझे लगता है कि सूबे के मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस मामले पर दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद का समाधान जल्द निकालना चाहिए, क्योंकि 15 साल की कड़ी मेहनत के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है.
उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार को सत्ता में आए अभी 6 महीने भी नहीं हुए हैं और कांग्रेस पार्टी में विवाद शुरू हो गया है. सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार से लोगों को विकास को लेकर उम्मीदे हैं. अगर किसी भी तरह का कोई विवाद सामने आता है, तो मुख्यमंत्री कमलनाथ को दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद को सुलझाना चाहिए.

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