कई दिनो से जारी गर्मी पर आसमानी बारिश ने फेरा पानी


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कोलारस-बीते करीब एक सप्ताह से वारिश न होने के कारण जिले भर में भांदो के मौसम में क्वांर जैसे धमके लोग सह रहे थे। श्रावण एवं भादो दोनो ऐसे मास माने जाते है कि इन दिनो में वर्ष भर पानी की आवश्यकता की पूर्ति हो जाती है। प्रदेश के कई जिलो में जहां पर्याप्त या अत्यधिक वर्षा हो चुकी है किन्तु शिवपुरी जिले में अभी तक निर्धारित लक्ष्य के बराबर भी वारिश नही हुई है। जबकि बीते वर्ष लक्ष्य से काफी अधिक वारिश होने के कारण गर्मियो में लोगो को पानी की समस्या से कम जूझना पडा था। किन्तु इस बार मौसम विभाग के द्वारा निर्धारित लक्ष्य के बराबर भी वारिश अभी तक नही हुई है। जबकि शुक्रवार को भादो मांस यानि कि वर्षा ऋतु का समापन दिन माना जाता है। इस हिसाव से इस बार शिवपुरी जिले में कम वारिश होने के कारण होली के बाद पीने के पानी से लेकर फसल एवं मवेशाीयो के लिए पानी की समस्या उत्पन्न होने के संकेत कम बारिश के कारण दिखाई दे रहे है। भादो मांस में वारिश होने के कारण मौसम ठण्डा रहता है जबकि इस वर्ष भादो मांस का अंतिम सप्ताह क्वांर एवं जेठ की गर्मी की याद दिला गया है भादो मांस के जाते जाते गुरूवार की देर शाम कोलारस एवं बदरवास एवं ग्रामीण अंचलो में हुई वारिश के कारण भादो मांस के आखरी दिनो में गर्मी से कुछ राहत अवश्य मिली है। 


पूर्णिमा के साथ आज से प्रारंभ होंगे 16 दिवसीय कनागत 
वर्ष में एक बार पडने बाले कनागत यानि कि पित्रो को पानी, भोजन इत्यादी के माध्यम से परिवार एवं रिश्तेदारो से लेकर अन्य सभी प्रकार के पित्रो को त्रप्त एवं शान्त करने के लिए शान्ति के 16 दिन आज यानि कि पूर्णिमा शुक्रवार के साथ प्रारंभ हो जायेगे। जो कि 28 सितम्बर तक जारी रहेगे। इन 16 दिनो के दौरान पित्रो की शान्ति के लिए जलाशयो में तर्पण, ब्राहा्रण, गाय, कन्या, कौआ, कुत्ता एवं सम्मानीय रिश्तेदारो को श्राद्घ एवं पटा के दिन भोजन कराने से पित्रो की आत्मा त्रप्त होती है। इसके अलावा कनागत के दिनो में गयाजी में पिण्ड दान के साथ-साथ पित्र देवताओ के लिए भागवत करने से परेशान पित्रो की आत्मा शान्त होती है जिससे परिवार में शान्ति का माहौल हमेशा के लिए बना रहता  है। कुल मिला कर शान्ति के साथ कनागत के 16 दिन पित्रो को पानी एवं श्राद्घ आदि करने से परिवार एवं अन्य पित्रो को शान्ति अवश्य मिलती है। 


भादौ मास की समाप्ति के साथ वर्षा ऋतु का समापन, इस बार कम वारिश होने के कारण गर्मियो में रहेगी पानी की समस्या
13 सितम्बर को भादौ मास की पूर्णिमा के साथ वर्षा ऋतु के मुख्य माह श्रावण भादौ बीत जाने के कारण वर्षा ऋतु का समापन माना जाता है। जिले भर में इस वर्ष बीते वर्ष की तुलना में करीब एक तिहारी वारिश कम होने के कारण इस वर्ष होली के बाद प्रारंभ होने बाली गर्मियो में पीने के पानी से लेकर फसल एवं मवेशियो के लिए पानी की समस्या शिवपुरी जिले की कई तहसीलो में पैदा होगी। भादौ मास की पूर्णिमा के साथ शनिवार से क्वार मास प्रारंभ हो जायेगा। क्वार मास में कभी हल्की बारिश तो कभी उमश के साथ गर्मी पडने के कारण क्वार मास धमको के साथ गर्मी का माह माना जाता है। क्वार की समाप्ति के साथ ही कार्तिक मास के प्रारंभ होते ही हल्की सुबह शाम की सर्दी प्रारंभ हो जाती है। कुल मिला कर इस वर्ष बीते वर्ष की तुलना में कम बारिश होने के कारण जिले की कई तहसीलो में पानी की समस्या होली के बाद पैदा होना तय है। साथ ही शनिवार से प्रारंभ होने बाले क्वार मास में कभी बारिश तो कभी उमश के साथ गर्मी पडने के कारण बीमारियो की गिरफ्त में लोग आज जाते है। 


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