मध्य प्रदेश में बीते दो दिनों से चल रहे दिग्विजय सिंह और वन मंत्री उमंग सिंघार के बीच विवाद में मामला फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा. बुधवार को इस विवाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की भी एंट्री हो गई. ग्वालियर में पत्रकारों से बात करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वन मंत्री उमंग सिंगार के समर्थन में बयान दिया. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि सरकार को अपने दम पर चलना चाहिए किसी का हस्तक्षेप सरकार में नहीं होना चाहिए.
दरअसल सिंधिया बुधवार को ग्वालियर में ही थे. यहां कांग्रेस के अनुसूचित जाति के कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद जब ज्योतिरादित्य सिंधिया बाहर निकले तो पत्रकारों ने उनसे प्रदेश में वनमंत्री उमंग सिंघार और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बीच उपजे विवाद से जुड़ा सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, 'उमंग जी ने जो मुद्दे उठाए हैं, उसको अच्छे तरह से सुनना चाहिए.
आगे उन्होंने कहा, 'वहीं मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री को इस विषय पर दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद का समाधान जल्द निकालना चाहिए क्योंकि 15 साल की कड़ी मेहनत के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस का शासन आया है. वहीं, अभी 6 महीने भी नहीं हुए हैं लेकिन ये सब हो रहा है'.'
वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'कांग्रेस के लोगों की विकास को लेकर कई अभिलाषऐं लेकिन मतभेद अगर हो भी रहे है तो मुख्यमंत्री का दायित्व है कि दोनों पक्षों को बैठाएं और उनकी सुलह कराएं.' ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब तीन दिनों तक चले विवाद के बाद कांग्रेस की जमकर किरकिरी हो रही है.
वनमंत्री का पुतला जलाया
वहीं बयानों के बाद शुरू हुए विवाद को थामने के लिए एडवाइजरी के बावजूद कांग्रेस में घमासान थम नहीं रह है. आलाकमान की समझाइश के बावजूद दिग्विजय समर्थकों ने वन मंत्री उमंग सिंगार का पुतला फूंका और उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया है.
बुधवार सुबह वनमंत्री जब अपने बंगले से बाहर निकल रहे थे. उसी दौरान उनका काफिला गुजरने के बाद दिग्विजय समर्थकों ने वनमंत्री उमंग सिंघार के घर के बाहर ही नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन कर दिया. दिग्विजय समर्थकों का कहना था कि वन मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता का अपमान किया है और उन्हें इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.
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