भारत के एजुकेशन सिस्टम में सराहनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय अवॉर्ड 2019 से सम्मानित शिक्षक घनश्याम शर्मा की लर्निंग्स् यात्रा
बीटी भारत के सच्चे देशभक्त हैं: गूगल बॉय कौटिल्य पंडित
हम आपस में बात करते हैं कि भारत कब बदलेगा और कब इकोनॉमिक तरक्की होगी? हमको ये समझने की जरूरत है कि भारत को बदलने के लिए हजारों-लाखों क्रांतियों की आवश्यकता है जिनमें से शिक्षा की क्रांति सबसे महत्वपूर्ण है। जितने ज्यादा लोग शिक्षित होंगें उतना ही वो देश को आगे बढ़ाने में योगदान दे पाएंगे। विचार-परिवर्तन से भारत-परिवर्तन के ध्येय के साथ भारत को बदलने के लिए विदेश में मल्टीनेशनल कंपनी का जॉब छोड़कर मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास निवासी शिक्षक घनश्याम शर्मा ग्रामीण भारत में शिक्षा की क्रांति का अलख जगा रहे हैं जो न सिर्फ अनुकरणीय है बल्कि काबिले तारीफ है।
विदेश की धरती पर मिली देश के भविष्य को शिक्षा देने की प्रेरणा
सरकारी हिन्दी मीडियम स्कूल से संघर्षपूर्ण स्थितियों में पढ़े-लिखे शिक्षक घनश्याम शर्मा इंदौर से एमबीए करने के बाद भारत की तत्कालीन नंबर वन टेलीकॉम कंपनी एयरटेल में टेरिटरी मैनेजर की जॉब करते थे। वर्ष 2011 में एयरटेल में जॉब करते हुए घनश्याम शर्मा ने संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कॉम्पेटिशन जीते। इस उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए इन्हें कंपनी के राष्ट्रीय हेड अतुल बिंदल द्वारा सिंगापुर में महावीर सिपहसालार एवं परमवीर सिपहसालार के अवॉर्ड से सम्मानित किया।
सिंगापुर (विदेश) की धरती पर घनश्याम शर्मा को अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम एवं अपनी संघर्षमयी जीवन यात्रा ने ग्रामीण भारत के एजुकेशन स्तर को सुधारने के लिए प्रेरित किया। पाँच वर्ष तक जॉब करने के बाद घनश्याम शर्मा ने वर्ष 2012 में कॉर्पोरेट कैरियर को त्यागकर भारत में शिक्षा की क्रांति हेतु बीटी यानी ब्रेन-ट्रांसफॉर्मर्स एजुकेशन अकैडमी की शुरुआत की।
सकारात्मकता की पराकाष्ठा एवं बड़ी सोच से मिली राष्ट्रीय पहचान
शिक्षक घनश्याम शर्मा एवं उनके द्वारा शुरू किए गए बीटी स्कूल को राष्ट्रीय पहचान मिलने का राज उनकी सकारात्मक बड़ी सोच है। वे अपने विद्यार्थियों से हमेशा कहते हैं कि सब कुछ करना संभव है। खुद का उदाहरण देते हुए घनश्याम कहते हैं कि जब सरकारी हिन्दी मीडियम से पढ़ा हुआ एक सामान्य किसान परिवार का बेटा जब विदेश तक जाकर देश का मान बड़ा सकता है और एक शिक्षक के रूप में राष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर सकता है तो आपके लिए भी अपने बड़े-बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव है।
बीटी यानी ब्रेन-ट्रांसफॉर्मर्स क्या है?
शिक्षक घनश्याम शर्मा के द्वारा स्थापित स्कूल में श्रेष्ठ भारतीय जीवन मूल्यों के साथ विद्यार्थियों को ज्ञान एवं कौशल आधारित शिक्षा दी जाती है जिससे उनका सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास हो सके। जैसा कि स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है कि जीवन हमारे विचारों की परिणति है इसलिए विद्यार्थियों की सोच को बिग-थिंकिंग यानी बीटी बनाने के लिए शिक्षक घनश्याम शर्मा शिक्षा के साथ-साथ दीक्षा भी देते हैं जिससे विद्यार्थी बड़े होकर उनकी खूबी और रुचि के अनुसार विभिन्न विभागों में उत्कृष्टता के साथ कार्यरत होकर सफलता प्राप्त करें और इस प्रकार व्यक्ति परिवर्तन से, परिवार परिवर्तन, समाज परिवर्तन और फिर भारत ट्रांसफॉर्मिंग (परिवर्तन) हो सके।
स्कूल में राइटिंग (लिखना), रीडिंग (पढ़ना), सुनना (लिसनिंग) एवं बोलना (स्पीकिंग) सिखाने के लिए कठोपनिषद के मंत्र "उत्तिष्ठ जाग्रत प्राप्य बरान्निबोधत" के उपदेश को समाहित करते हुए विद्यार्थियों को बीटी मंत्र "वेक-अप राइज लर्न स्माइल" दिया जाता है।
घनश्याम शर्मा द्वारा स्थापित बीटी एजुकेशन अकैडमी (बीटीईए) का अर्थ बीटी (ब्रेनट्रांसफॉर्मर्स) स्कूल से लेकर बदरवास टैलेंट, बिग-थिंकिंग, भारत-ट्रांसफॉर्मिंग आदि हैं। लोग इन्हें भारतीय टी यानी चाय वाला शिक्षक भी कहते हैं। शिक्षक घनश्याम शर्मा के अनुसार बीटी (ब्रेन-ट्रांसफॉर्मर्स) सनातन भारतीय संस्कृति का एक विचार है जो व्यक्ति की सोच को विकसित कर सकारात्मकता प्रदान करता है।
ब्रेन-ट्रांसफॉर्मर्स की प्रमुख उपलब्धियां
एजुकेशन सिस्टम में सराहनीय योगदान के लिए नेशनल स्कूल अवॉर्ड 2019 से सम्मानित
भारत के गूगल बॉय कौटिल्य पंडित के स्कूल में मोटिवेशनल सेमिनार
टेलीकॉम कंपनी एयरटेल द्वारा उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए सिंगापुर में परमवीर सिपहसालार अवॉर्ड से सम्मानित
यहाँ अद्भुत अकल्पनीय अविश्वसनीय प्रतिभाएं अंकुरित हो रहीं हैं इसका प्रमाण विद्यार्थियों द्वारा परफॉर्मेंस की वीडियो एवं अभिभावकों की प्रतिक्रियाएं हैं।
हमारे बच्चों के सर्वांगीण विकास में बीटी स्कूल का महत्वपूर्ण योगदान है, हम इसके लिए विद्यालय के आभारी हैं।
डॉक्टर हरिओम शर्मा
अभिभावक
बीटी स्कूल में बच्चों को किताबी कीड़ा न बनाकर उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार उनकी प्रतिभा को तराशा जाता है। स्कूल के संचालक घनश्याम शर्मा बच्चों को स्टडी के साथ मुस्कुराना सिखाते हैं।
आशा चंदेल अभिभावक
मेरी बेटी और बेटे के सम्पूर्ण ट्रांसफॉर्मेशन में बीटी स्कूल का योगदान अतुलनीय है जिसके लिए हम कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं।
जयति चतुर्वेदी अभिभावक
मेरे भाई मोनू राठौर की सोच को विकसित करने और अपने सपनों को पूरा करने का हौंसला देने और सफलता के आकाश में उड़ान के लिए पंख देने का काम बीती स्कूल के संचालक घनश्याम शर्मा जी ने किया है जिसके लिए हम उनके आभारी हैं।
संजीव राठौर अभिभावक
मैंने जो आत्मविश्वास, राष्ट्रीयता, रचनात्मकता, अनुशासन और मुस्कुराहट बीटी के विद्यार्थियों में देखी वो देश के बड़े महानगरों जैसे चंडीगढ़, गुरुग्राम एवं मुम्बई आदि शहरों के सर्वसुविधा सम्पन्न विद्यालयों में भी देखने को नहीं मिली सही मायने में यह विद्यालय बीटी यानी भारत-ट्रांसफॉर्मर्स है।
भारत की वंडर गर्ल जान्हवी
ब्रेन-ट्रांसफॉर्मर्स घनश्याम शर्मा द्वारा अपने अनुभवों एवं सिद्धांतों पर आधारित लिखित किताब लर्निंग्स् को पढ़कर भारत के गूगल बॉय कौटिल्य पंडित ने लिखा है "आप भारत का भविष्य संवारने के काम करके देश सेवा कर रहे हैं, आप सच्चे देशभक्त हैं।
गूगल बॉय कौटिल्य पंडित
क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने विद्यालय द्वारा विद्यालय के पंचम एवं सप्तम वार्षिकोत्सव में स्कूल की संस्कार युक्त शिक्षा की प्रशंसा करते हुए कहा कि "मैंने आजतक अपने जीवन में किसी स्कूल में ऐसी प्रस्तुतियां नहीं देखीं हैं, आपने हमारे शहीदों की, राष्ट्रभक्ति की, संस्कृति की जो अद्भुत प्रस्तुतियाँ दीं हैं उनकी एक सीडी बनाकर आप मुझे दें, पूरा जिला इसका अनुशरण करे, मैं ऐसा प्रयास करूँगा।
बीटी स्कूल द्वारा विद्यार्थियों को स्वच्छता की शिक्षा देने के लिए माय-कंट्री माय-रिस्पांसिबिलिटी नामक अभियान चलाया जिस पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग मध्यप्रदेश के अध्यक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "मुझे लगता है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस अभियान को शुरू किया वो अभियान अब एक महाअभियान बन रहा है इसका संकेत बदरवास जैसी छोटी जगह पर बीटी स्कूल के जागरूक विद्यार्थियों द्वारा प्रायोगिक तरीके से जीवन में उतारना इसकी सफलता एवं सार्थकता है"
मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा
ब्रेनट्रांसफॉर्मर्स घनश्याम शर्मा अपना कॉर्पोरेट कैरियर त्यागकर अपने शहर बदरवास में हीरे तराशने का काम कर रहे हैं। क्षेत्र के शैक्षणिक विकास में उनके इस योगदान के लिए उन्हें बदरवास-रत्न कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी।
भूपेंद्र यादव नगर पंचायत उपाध्यक्ष बदरवास
कई राज्यों के विद्यालयों में देते हैं स्टॉफ ट्रेंनिंग एवं मोटिवेशनल सेमिनार
ब्रेन-ट्रांसफॉर्मर्स घनश्याम शर्मा जिले, प्रदेश एवं देश के कई विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु स्टॉफ ट्रेनिंग एवं विद्यार्थियों की सोच को विकसित करने हेतु निःशुल्क सेमिनार देते हैं जिसका उद्देश्य भारत-ट्रांसफॉर्मर्स बनाना है।
विचार-परिवर्तन से जीवन-परिवर्तन और एक व्यक्ति के जीवन परिवर्तन से परिवार, समाज और राष्ट्र का परिवर्तन संभव है। घनश्याम शर्मा के अनुसार सीखना केवल स्कूल तक सीमित नहीं है बल्कि व्यक्ति को जीवनभर सीखते रहना चाहिए। सीखने की कला सीख लेने ही वास्तविक सीखना है।
गरीब परिवार के विद्यार्थियों से नहीं लेते हैं फीस
शिक्षक घनश्याम शर्मा कहते हैं कि हिन्दू धर्म सहित सभी धर्मों में ज़कात यानी दशांश का महत्व है। अतः मैं भी विद्यालय में आरटीई के अलावा भी 10 प्रतिशत गरीब प्रतिभाशाली बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देता हूँ।
देश की नई शिक्षा नीति पर दिए सुझाव
विभिन्न समसामयिक विषयों पर अपनी मुखर प्रतिक्रिया देने के लिए परिचित बीटी घनश्याम शर्मा ने कहा कि भारत की शिक्षानीति पर एक वाक्यांश में अपना सुझाव देना चाहूँगा- अर्थपूर्ण दृष्टि आधारित शिक्षा हो जो देश के लिए एक महान व्यक्तित्व का निर्माण करे।
खुद के जीवन के विशिष्ठ अनुभवों से प्राप्त लर्निंग्स् पर लिख डाली सामान्य ज्ञान की किताब
किसान, ब्राह्मण परिवार में पले-बढ़े 36 वर्षीय शिक्षक घनश्याम शर्मा ने अपने बाल्यकाल से अब तक के जीवन के विभिन्न अनुभवों एवं विचारों को गद्धपद्ध शैली कई भाषाओं में लिखकर अपनी सफलता के सूत्र को नई जनरेशन तक पहुँचाने हेतु एक "चाय वाला मास्टर" बीटी से भारत-तक सहित अनेकानेक टाइटल से पॉपुलर एक सामान्य ज्ञान की पुस्तक लिख डाली है जिसको गूगल बॉय कौटिल्य आनंदित ने सच्ची देशभक्ति बताया है।
वर्तमान में कर रहे हैं पीएचडी
शिक्षक घनश्याम शर्मा साइंस स्ट्रीम से मैट्रिक्स, कॉमर्स से स्नातक, एमबीए, पीजीपीएसएम, सिक्स-सिग्मा व्हाइट-बेल्ट, एमए- इंग्लिश, डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्पलीकेशन & डिप्लोमा इन म्यूजिक एवं एमडीपी-सिंगापुर और राष्ट्रीय युवा सम्मेलन आईआईएम इंदौर में शैक्षणिक अनुभवों और योग्यताओं के धनी होते हुए अभी भी नियमित अध्यन करते हैं और पीएचडी कर रहे हैं।
मोदीजी को भारतीय-Tea चाय का कप भेंट करना चाहते हैं
शिक्षक घनश्याम शर्मा देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के कई कैंपेन, विचारों और कार्यशैली से प्रभावित हैं और अपने सेमिनारों में भी "मन की बात" #भारतीयचायकाकप #बीTea स्वच्छता अभियान आदि अभियानों का जिक्र करते हैं। सेमिनारों एवं अपने बीटी यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी घनश्याम युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर भारत-ट्रांसफॉर्मिंग में योगदान देने वाले भारतीय का दायित्व निभाने हेतु प्रेरित कर रहे हैं। अपने सेमिनारों में बी टी कप साथ में रखते हैं जिसको मोदीजी को अपनी किताब के साथ भेंट करना चाहते हैं।
बीटी स्कूल: विश्व का अद्वतीय स्कूल
वर्ष 2019 में भारत के इस अनौखे स्कूल के सप्तम वार्षिकोत्सव में हरियाणा से आईं भारत की वंडर गर्ल जान्हवी के शिक्षक पिता ने बीटी स्कूल की शिक्षा को विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को खूब सराहा और जब स्कूल का इंफ्रास्ट्रक्चर देखा तो आश्चर्य व्यक्त किया और भारत के गूगल बॉय कौटिल्य पंडित के पिता शिक्षक सतीश शर्मा को इस अद्भुत स्कूल के बारे में बताया। शिक्षक सतीश जी द्वारा हरियाणा में संचालित सनातन धर्म हरित मॉडर्न स्कूल में शिक्षक घनश्याम शर्मा द्वारा बीटी सेमिनार दिया गया। बीटी स्कूल बदरवास शहर के मध्य में है। स्कूल की बिल्डिंग सामान्य है और कक्षाओं में प्लाई लगी है और छत पर टीनशेड है। सीमित संसाधनों एवं विपरीत परिस्थितियों में भी उत्कृष्ठ परिणाम देने एवं विद्यार्थियों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास हेतु चरैवेति के मंत्र में आत्मविश्वास के साथ बढ़ने वाले शिक्षक घनश्याम शर्मा को स्कूल संचालक भी अपना रोल-मॉडल के रूप में देखते हैं। स्कूल में एक्स्ट्रा-करीकुलर गतिविधियों के साथ प्रेजेंटेशन-डे तथा साइलेंट-डे आदि अद्वतीय अनुसंधान किए जाते हैं जो अन्य स्कूलों और शिक्षकों के लिए अनुकरणीय हैं।
बच्चों को प्रोत्साहित करने एवं स्कूल के प्रमोशन का तरीका
बीटी विद्यालय में सकारात्मक तरीके से बच्चों को स्टडी के प्रति उत्साहित बनाए रखने के लिए अनेकानेक गतिविधियां होती हैं जिनमें भाग लेकर विद्यार्थी अपनी किताबी शिक्षा का वास्तविक जीवन से संबद्धता को समझते हैं। विद्यार्थियों को अपने टैलेंट प्रदर्शन हेतु वैश्विक प्लेटफॉर्म देकर एवं प्रोत्साहन हेतु सारेगामा लिटिल चैम्प स्वरित शुक्ल, आजतक चैनल के अद्भुत अकल्पनीय अविश्वसनीय बालक ओम नमः शिवाय तथा भारत की वंडरगर्ल जान्हवी जैसी कई पॉपुलर प्रतिभाओं को बुलाकर बीटी स्कूल बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा का प्रमोशन करता है लेकिन प्राथमिक वर्षों के बाद 5 वर्षों से स्कूल के पोस्टर्स नहीं बनवाए। घनश्याम शर्मा कहते हैं कि विद्यार्थी ही स्कूल के ब्रांडएंबेसडर होते हैं इसलिए पोस्टर्स में विद्यार्थियों के अभिभावकों का पैसा खर्च नहीं होना चाहिए। शिक्षा में नवीन प्रयोग करने वाले शिक्षक घनश्याम द्वारा संचालित बीटी स्कूल में कंप्यूटर शिक्षा केवल प्रैक्टिकली दी जाती है, पाठ्यक्रम में कंप्यूटर की अतिरिक्त अनावश्यक बुक से मुक्ति से साथ अविभावकों को आर्थिक सहायता मिलती है। यहाँ के विद्यार्थी कई डीसीए एवं पीजीडीसीए होल्डर्स से बेहतर कंप्यूटर ऑपरेट करते हैं।
एकेडेमिक्स के साथ खेलों, डांसड्रामा, रोल-प्ले भाषण, चित्रकला, एंकरिंग, न्यूज़-राइटिंग आदि में पारंगत हैं बीटी के विद्यार्थी
विधायक-कप हो या मुख्यमंत्री-कप बीटी स्कूल के विद्यार्थी शारीरिक, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विकास की शिक्षा का उत्कृष्ठ प्रदर्शन करते हैं। यहाँ पढ़ने वाले कई बच्चे कविताएं लिखते हैं और हिन्दी, इंग्लिश, संस्कृत सहित कई भाषाओं में संभाषण एवं साहित्य, संगीत और कलाओं की समस्त विधाओं में पारंगत हो रहे हैं।
बीटी स्कूल के विद्यार्थी जो बनेंगें भारत-ट्रांसफॉर्मर्स
बीटी स्कूल में पढ़ने वाले मोनू, पुनीत, शिवा, सृष्टि, दीक्षा, लकी, अमित, सुनीति, प्रतिष्ठा एवं दृष्टि सहित सभी बीटी विद्यार्थी जीवन में सफल होकर देश को आगे बढ़ाने में योगदान अवश्य देंगें। बीटी स्कूल के कई विद्यार्थी अपनी कक्षा से आगे की कक्षा का सिलेबस पूरा करते हैं और एक वर्ष में दो कक्षाओं की स्टडी करते हैं। यहां के कई विद्यार्थी मेडिकल, इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट की प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं में स्कॉलरशिप टेस्ट में अव्वल आते हैं भारत का बीटी स्कूल विद्यार्थियों की सोच को बिग-थिंकिंग में ट्रांसफॉर्म करने का काम कर रहा है।
अर्थपूर्णदृष्टि आधारित शिक्षा
बीटी स्कूल में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम को पढ़ने-लिखने के साथ-साथ उसका का अर्थ समझने पर ज्यादा जोर दिया जाता है। अर्थ का महत्व बताने के लिए शिक्षक ब्रेनट्रांसफॉर्मर्स घनश्याम शर्मा ने "अर्थ ही कलिसार है बिन अर्थ सब बेकार है" शीर्षक से एक कविता भी लिखी है। विद्यार्थियों ही नहीं प्रत्येक व्यक्ति को अपने प्रत्येक क्रियाकलाप का एक सार्थक उद्देश्य होना आवश्यक है। बिना विज़न यानी बिना दृष्टि सब व्यर्थ है। क्लासरूम टीचिंग में ब्रेन-ट्रांसफॉर्मर्स की स्वरचित लर्निंग्स् बुक के गीतों और कविताओं के माध्यम से रोचक बनाकर विद्यार्थियों को बीटी के प्रिंसिपल्स (सिद्धांतों) को आत्मसात करना सिखाया जाता है। शिक्षक घनश्याम शर्मा अपने विद्यार्थियों से कहते हैं कि आप अपने प्रिंसिपल (प्रधानाचार्य) को याद रखें या न रखें लेकिन आपने प्रिंसिपल के प्रिंसिपल्स (सिद्धांतों) को जरूर याद रखें आपको सफलता अवश्य मिलेगी आत्मविश्वास रखें।
अच्छा शिक्षक वह है जो सदैव अच्छा विद्यार्थी है
भारतीय शिक्षा एवं विश्वगुरु भारत के बारे में गहन चिंतन रखने वाले शिक्षक घनश्याम शर्मा का कहना है कि एक अच्छा शिक्षक वह है जो हमेशा सीखता रहता है और अपने विद्यार्थियों को नितनव ज्ञान देने के लिए पहले खुद विद्यार्थी के रूप में सीखता है इसलिए एक अच्छा शिक्षक वही है जो अपनी अंतिम सांस तक सीखे भी और अब्दुल कलाम की तरह अंतिम सांस तक सिखाए भी।
प्रेम की भाषा में संवादशैली प्रमुख है
खुद हिन्दी-मीडियम में पढ़े घनश्याम अब हिन्दी, इंग्लिश, संस्कृत एवं क्षेत्रीय भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों को देने के साथ प्रेम की भाषा को सर्वश्रेष्ठ बताते हैं। भाषा कोई भी हो प्रभावशाली संवादशैली से अपने विचारों की प्रस्तुति को आकर्षक बनाया जा सकता है। बीटी स्कूल में विद्यार्थी मुस्कुराते हुए पढ़ना-लिखना-सुनना-बोलना सीखते हैं।
शिक्षा की इन चारों विधाओं को बीटी स्कूल ने अपने स्लोगन (बीटीMantra) Wake-up Rise Learn Smile में समाहित किया है।
गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है एंड्रॉइड एप्प
भले ही बीटी स्कूल प्लाई की कक्षाओं और टीनशेड की छत के नीचे संचालित है परंतु मॉडर्न टेक्नोलॉजी की शिक्षा एवं उपयोग में कई बड़े-बड़े स्कूलों से आगे है। स्कूल द्वारा अविभावकों को बच्चों की स्टडी से सतत रूप से अवगत कराने तथा उनको सभागी बनाने के लिए एक एंड्रॉइड एप्प बनवाया है। इसके अलावा विद्यार्थी एवं स्टॉफ आरएफआईडी कार्ड्स से अटेंडेंस लगाते हैं।
मध्यप्रदेश के छोटे से गांव के शिक्षक को राष्ट्रीय स्कूल अवॉर्ड 2019 से सम्मानित किए जाने पर घनश्याम शर्मा कहते हैं कि ये सम्मान मेरे बच्चों के अभिभावकों के विश्वास और मातृभूमि को समर्पित है। अभी तो बीटी स्कूल रूपी विचार बीज का अंकुरण हुआ है। जब यह विचार वृक्ष बनकर अपने जैसे कई पुष्प और बीज बनाएगा तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।
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