फास्टैग का टोटा, 15 से फास्टैग नहीं तो टोल डबल


Sandhyadesh
ग्वालियर/आगरा। 14-15 दिसंबर की मध्यरात्रि से फास्टैग टोल प्लाजा लेन देश के सारे टोल प्लाजा का अनिवार्य हिस्सा होगी और सभी वाहनों पर निजी व कमर्शियल वाहनों पर फास्टैग अनिवार्य होगा। लेकिन खेद की बात यह है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएनएआई मांग के हिसाब से फास्टैग स्टीकर चिप की सप्लाई ही नहीं कर पा रहा हैं। देशभर में अभी तक 7 करोड़ पंजीकृत वाहनों में से मात्र डेढ़ करोड़ वाहन पर ही फास्टैग चस्पा हो पाये हैं।
देशभर के एनएचएआई के टोल प्लाजा पर टोल श्रेणी में आने वाले सभी वाहनों को सुगमतापूर्वक बिना रूके निकालने के लिए केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की पहल पर एनएचएआई ने फास्टैग की योजना बनाई थी। इसके तहत एक विशेष प्रकार का टैग आॅन बोर्ड यूनिट ट्रांसपोर्टर अथवा वाहनों के विंड स्क्रीन पर लगाया जाना हैं। जिससे टोल प्लाजा से गुजरते समय वहां लगा कैमरा फास्टैग के अंक को पकड़कर स्मार्ट कार्ड या फास्टैग बैलेंस से टोल राशि समायोजित कर लेगा। इसके लिए वाहन को फास्टैग टोल प्लाजा लेन से ही निकालना होगा।
फास्टैग स्कीम के लिए भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अपने अधिनियम में व्यवस्था कर दी थी, पहले फास्टैग 3 दिसंबर से लागू होना था। लेकिन वाहन स्वामियों द्वारा ज्यादा रूचि नहीं लिये जाने से इसे 15 दिसंबर से अनिवार्य कर दिया गया है। अब 14-15 दिसंबर की मध्यरात्रि से फास्टैग प्रक्रिया सभी वाहनों में लागू हो जायेगी। इसमें यह भी अब प्रावधान कर दिया गया है कि बिना फास्टैग वाला वाहन यदि अब टोल प्लाजा से गुजरेगा तो उसे दोगुना टोल फीस देनी होगी। जैसे मान लीजिये किसी टोल प्लाजा  पर 75 रूपये टोल शुरू है तो यह शुल्क बिना फास्टैग के 150 रूपये हो जायेगा। जिससे वाहन स्वामियों पर दोगुनी टोल टैक्स की मार पड़ेगी।
अब समझने वाली बात यह है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने फास्टैग स्कीम तो लागू कर दी है, लेकिन एनएचएआई अभी तक फास्टैग ही उलपब्ध कराने में अक्षम साबित हो रहा है। देश में चल रहे पूरे 7 करोड़ वाहनों में 15 दिसंबर से पहले फास्टैग लग जाये यह अब असंभव है, अभी तक मात्र डेढ़ करोड़ वाहनों में ही फास्टैग लग सके हैं। फास्टैग के लिये वाहन स्वामी एनएचएआई के टोल प्लाजा पर फास्टैग मांग रहे है, लेकिन उन्हें फास्टैग उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। 
हालांकि फास्टैग के लिये अब एनएचएआई ने आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एयरटेल, पेटीएम आदि को भी अधिकृत कर दिया गया हैं। लेकिन फिर भी फास्टैग की कमी समस्या बन गई हैं। इस संदर्भ में एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज वर्मा ने सत्ता सुधार से चर्चा में कहा कि फास्टैग एक बेहद सुविधाजनक टैग हैं। इससे वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा, वह तुरंत टोल से निकल सकेंगे, जिससे उनके समय व ईंधन की बचत हो सकेगी। वर्मा के अनुसार टोल प्लाजा की लाइनें भी फास्टैग लेन में परिवर्तित की जा रही हैं।

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