
कमलनाथ सरकार राजगढ़ की डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर निधि निवेदिता और डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा के खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज करेगी. ये बयान प्रदेश के कानून मंत्री पी. सी. शर्मा ने सोमवार को दिया. उधर, विपक्षी पार्टी बीजेपी ने इस मुद्दे पर प्रदेश में अपने दिग्गज नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राजगढ़ भेजने का एलान किया है.
बीजेपी ने दोनों अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. बता दें कि रविवार को राजगढ़ के ब्यावरा में नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के समर्थन में बीजेपी कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे. उसी दौरान दोनों अधिकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को तमाचे मारने का आरोप है. इन कार्यकर्ताओं में बीजेपी का एक पूर्व विधायक भी है. इस घटना के वीडियो भी सामने आए.
मध्य प्रदेश के कानून मंत्री शर्मा ने कहा, ‘प्रदर्शनकारियों के हमले के बाद दोनों अधिकारी अपना बचाव कर रही थीं. महिलाओं को अपमानित करना, ये बीजेपी और आरएसएस की संस्कृति रही है. सरकार दोनों अधिकारियों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं करेगी.”
राजगढ़ पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में 650 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इनमें से 150 की प्रदर्शन के वीडियो के आधार पर पहचान की जा चुकी है.
मध्य प्रदेश के कानून मंत्री शर्मा ने कहा, ‘प्रदर्शनकारियों के हमले के बाद दोनों अधिकारी अपना बचाव कर रही थीं. महिलाओं को अपमानित करना, ये बीजेपी और आरएसएस की संस्कृति रही है. सरकार दोनों अधिकारियों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं करेगी.”
राजगढ़ पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में 650 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इनमें से 150 की प्रदर्शन के वीडियो के आधार पर पहचान की जा चुकी है.
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