दिल्ली में 'एक थी कांग्रेस' 70 में से 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त
अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अभी तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया है। कोई सीट जीतना तो दूर की बात है कांग्रेस के 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। कुल हुए मतदान में से पार्टी को पांच फीसदी से भी कम वोट मिले हैं। यकीन करना मुश्किल है कि यह वही पार्टी है जिसने लगातार 15 सालों तक दिल्ली पर राज किया।
यदि किसी उम्मीदवार को निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए कुल वैध मतों का छठा भाग नहीं मिलता है, तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है। कांग्रेस के अधिकतर प्रत्याशियों को पांच प्रतिशत से भी कम वोट मिले हैं। दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की बेटी शिवानी चोपड़ा की कालकाजी सीट से जमानत जब्त हो गई।
विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष योगानंद शास्त्री की बेटी प्रियंका सिंह की भी जमानत जब्त हो गई है। कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद भी संगम विहार से अपनी जमानत नहीं बचा पाईं। उन्हें केवल 2,604 वोट यानी मात्र 2.23 फीसदी वोट ही मिले।
तीन सीटों पर कांग्रेस जमानत बचाने में कामयाब हो पाई है। वो सीट गांधी नगर, बादली और कस्तूरबा नगर हैं। चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा भी अपनी जमानत जब्त होने से नहीं बचा सकीं। अलका लांबा आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई थीं।
हार को स्वीकार करते हुए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जीत की बधाई दी है। कांग्रेस ने कहा कि वह जनादेश स्वीकार करती है और राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के नवनिर्माण का संकल्प लेती है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, 'जनता ने अपना जनादेश दे दिया। जनादेश कांग्रेस के विरुद्ध भी दिया है। हम कांग्रेस की तरफ से इस जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं। निर्वाचन आयोग के ताजा आकड़ों के मुताबिक आम आदमी पार्टी 70 में से 63 सीटों पर,वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सात सीटों पर आगे चल रही है। वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पटपड़गंज सीट पर और राजेंद्र नगर सीट से राघव चढ्ढा जीत गए हैं।
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत का अर्धशतक लगा दिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक आप अब तक 50 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है, जबकि अन्य 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। भाजपा महज छह सीटों पर जीत हासिल कर पाई है। कुछ सीटों पर मतगणना जारी है।
विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष योगानंद शास्त्री की बेटी प्रियंका सिंह की भी जमानत जब्त हो गई है। कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद भी संगम विहार से अपनी जमानत नहीं बचा पाईं। उन्हें केवल 2,604 वोट यानी मात्र 2.23 फीसदी वोट ही मिले।
तीन सीटों पर कांग्रेस जमानत बचाने में कामयाब हो पाई है। वो सीट गांधी नगर, बादली और कस्तूरबा नगर हैं। चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा भी अपनी जमानत जब्त होने से नहीं बचा सकीं। अलका लांबा आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई थीं।
हार को स्वीकार करते हुए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जीत की बधाई दी है। कांग्रेस ने कहा कि वह जनादेश स्वीकार करती है और राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के नवनिर्माण का संकल्प लेती है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, 'जनता ने अपना जनादेश दे दिया। जनादेश कांग्रेस के विरुद्ध भी दिया है। हम कांग्रेस की तरफ से इस जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं। निर्वाचन आयोग के ताजा आकड़ों के मुताबिक आम आदमी पार्टी 70 में से 63 सीटों पर,वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सात सीटों पर आगे चल रही है। वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पटपड़गंज सीट पर और राजेंद्र नगर सीट से राघव चढ्ढा जीत गए हैं।
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत का अर्धशतक लगा दिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक आप अब तक 50 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है, जबकि अन्य 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। भाजपा महज छह सीटों पर जीत हासिल कर पाई है। कुछ सीटों पर मतगणना जारी है।
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नई दिल्ली