विजय पाण्डेय।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार पर पार्टी के अंदर ही रार शुरू हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी की पराजय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अनेक सवाल खड़े करने के साथ ही पार्टी नेताओं को आड़े हाथ लिया है।
ज्योतिरादित्य ने प्रदेश के दो दिवसीय दौरे के दौरान पहले दिने गुरुवार को पृथ्वीपुर में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस को अब नई सोच और नई रणनीति पर काम करने की जरूरत है। क्योंकि देश बदल रहा है। इसी तरह लोगें की सोच भी बदल रही है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार पर पार्टी के अंदर ही रार शुरू हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी की पराजय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अनेक सवाल खड़े करने के साथ ही पार्टी नेताओं को आड़े हाथ लिया है।
ज्योतिरादित्य ने प्रदेश के दो दिवसीय दौरे के दौरान पहले दिने गुरुवार को पृथ्वीपुर में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस को अब नई सोच और नई रणनीति पर काम करने की जरूरत है। क्योंकि देश बदल रहा है। इसी तरह लोगें की सोच भी बदल रही है।
Congress' Jyotiraditya Scindia on #DelhiElectionResult2020: It is highly disappointing for our party. There is an urgent need for a new ideology &a new work process. Country has changed, so we also need to opt for a new way of thinking&connect with the people of the country.
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उन्होंने कहा कि जब देश में बदलाव आया है तो अब हमें भी बदलाव के हिसाब से अपने आप (कांग्रेस)को ढालना होगा। इसलिए जरूरी हो जाता है कि कांग्रेस को नई सोच और नई रणनीति के तहत काम करने की आवश्यकता है। समय के साथ नहीं बदले तो फिर अतीत बनकर रह जाएंगे। दिल्ली में मिले जीरो से हीरो बनने के लिए नई सोच के साथ पार्टी को खड़ा करना होगा।
गौरतलब है कि सिंधिया के अलावा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण जयराम रमेश एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पार्टी के अंदर घमासान मचा हुआ है आरोप-प्रत्यारोपों के साथ ही इस्तीफा देने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
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नई दिल्ली
