कमलनाथ सरकार जाने के बाद भी नेता नहीं चुन पाई बीजेपी

मध्य प्रदेश में क्यों नहीं बन पा रही है बीजेपी की सरकार

मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर हुए तीन दिन हो गए हैं. इसके बावजूद अभी तक बीजेपी ने न तो सरकार बनाने का राज्यपाल के पास प्रस्ताव पेश किया है और न ही अभी तक विधायक दल की बैठक कर किसी को नेता चुना है. हालांकि इस बीच शनिवार को कांग्रेस के सभी 22 बागियों ने बीजेपी ज्वॉइन कर ली है. ये वही बागी हैं जिनकी वजह से कमलनाथ को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था. यह अलग बात है कि शिवराज सिंह चौहान, कमलनाथ सरकार को सत्ता से बाहर करने के बाद से सुकून महसूस कर रहे हैं. लेकिन विधायक दल के नेता के चुनाव में हो रही देरी से उनकी बेचैनी बढ़ रही है.
वहीं, देश भर में तेजी से पांव पसार रहे कोरोना वायरस ने मध्य प्रदेश में भी कदम रख दिया है. प्रदेश में अभी शुरुआती दौर में ही कोरोना संक्रमित चार मरीज पाए गए हैं. बीजेपी क्या अब तक फजीहत के डर से विधायक दल की बैठक नहीं कर पाई है?
कमलनाथ सरकार के खिलाफ सारे मोर्चों पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर बीजेपी नेतृत्व ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं. बीजेपी नेताओं ने साफ कहा कि मध्य प्रदेश में सरकार की कमान का फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा.
ऐसे में बीजेपी विधायक दल का नेता चुनने में हो रही देरी को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. चर्चा यह भी है कि भारतीय जनता पार्टी, मध्य प्रदेश में शिवराज की जगह किसी और चेहरे की तलाश में तो नहीं है. नेता के नाम पर सहमति के लिए दिल्ली में मंथन जारी है. जाहिर है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी अलग हटकर निर्णय लेने के लिए प्रसिद्ध है, ऐसे में सीएम पद के दावेदारों के बीच बेचैनी बढ़ गई है.

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म