मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई निर्णय लिए गए हैं। सरकारी कार्यालयों में भीड़ खत्म करने के लिए कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी साथ ही प्रदेश सरकार ने कोरोना का मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है।
इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा यूपी में सभी परीक्षाएं, प्रतियोगी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। साथ ही स्कूल-कॉलेज और सिनेमा घरों के बंद रहने की तारीख को और आगे बढ़ा दिया है।
मतलब अब यूपी में दो अप्रैल तक स्कूल-कॉलेज और सिनेमा घर सब बंद रहेंगे। सभी धरना प्रदर्शनों पर सरकार ने रोक भी लगा दी है। बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना पर केंद्र सरकार की एडवायजरी का 100 फीसदी पालन करने को कहा है साथ ही प्रदेशवासियों से भीड़भाड़ में जाने से बचने की अपील की है। प्रदेश के सभी पर्यटक स्थल 31 मार्च तक बंद रहेंगे।
तहसील दिवस और जनता दर्शन दो अप्रैल तक बंद
प्रदेश में तहसील दिवस और जनता दर्शन दो अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदी के चलते रोजमर्रा का काम करने वाले लोगों का भरण पोषण हो सके इसके लिए वित्तमंत्री की कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। इसमें कृषि मंत्री और श्रम मंत्री शामिल हैं। सरकार द्वारा मजदूरी करने वालों को कुछ धनराशि अकाउंट में दी जाएगी।
दरअसल, सिनेमा घर, मल्टीप्लेक्स, स्वीमिंग पूल बंद करने के निर्देश के बाद कोरोना से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मोर्चे पर डट गए हैं। इसके पहले उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशालय स्थित राज्य संक्रामक रोक निदेशालय के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश दिया, ताकि महामारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
इस बीच, मास्क व सैनेटाइजर की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को एक्टिव किया गया है। सीएम ने कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। सीएम ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने इसके लिए जन सहयोग की अपेक्षा की है।
सीएम ने कहा कि प्रदेश में जगह-जगह पोस्टर लगाकर कोरोना को लेकर जागरूक किया जा रहा है। इसके लक्षणों, उपचार, क्या करें, क्या न करें की जानकारी दी जा रही है।
खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बह रही हो...तभी जाएं अस्पताल
डॉक्टरों का कहना है कि यदि आपको खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बह रही हो, गले मे खराश आदि हो तो तत्काल अस्पताल जाएं और इलाज कराएं। अन्य किसी तरह की दिक्कत हो तो परेशान न हों। बस कुछ दिन आराम करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें खाएं। इससे बुखार व अन्य समस्या दूर हो जाएगी।
केजीएमयू, लोहिया संस्थान और पीजीआई के चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना वायरस से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। अगर इसके लक्षण मिल रहे हैं तो अस्पताल जाएं क्योंकि घर में बैठे रहने से यह वायरस दूसरे लोगों में भी फैल सकता है लेकिन अगर इसके लक्षण नहीं है तो अनावश्यक अस्पताल न जाएं।
अस्पताल में भीड़भाड़ बढ़ने से भी समस्या हो सकती है। केजीएमयू के डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि हर व्यक्ति को अपने स्तर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। साफ-सफाई पर ध्यान दें। बाहर से आने पर जूते पहनकर घर के अंदर न जाएं।
कोरोना व्यक्ति से व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलने वाला वायरस है
- कोरोना व्यक्ति से व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलने वाला वायरस है। यह हवा में नहीं फैलता है। कोरोना वायरस आपको तभी होगा जब आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आएंगे।
- अपने हाथों को बार-बार अपने मुंह और नाक पर न लगाएं क्योंकि घर से बाहर जाने पर आप कई ऐसी चीजों का स्पर्श करते हैं जिन पर वायरस होने का खतरा रहता है। इसलिए जितना ज्यादा हो सके, हाथों को धुलते रहें।
- जिन कपड़ों को पहनकर बाहर गए हैं उन्हें घर के कपड़ों से अलग कर रखें। बाहर के कपड़ों को धुलकर धूप में डाल दें। हो सके तो नहा लें अथवा हाथ-पैर, मुंह ठीक से साबुन से धो लें।
- कोरोना वायरस का आकार 400 से 500 माइक्रोन होता है इसलिए कोई भी फेस मास्क आसानी से इसे रोक सकता है। महंगा मास्क लेने की आवश्यकता नहीं है।
ये हैं बचने के आसान उपाय
- अगर आपको बुखार है या खांसी आ रही है तो तुरंत मास्क का इस्तेमाल करें और इस तरह के लक्षण वालों से दूर रहें।
- अगर आप किसी संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति कि देखभाल कर रहे हैं तो आपको विशेष सावधानी बरतें
- पीड़ित व्यक्ति का मास्क बंद डिब्बे में डालें।
कब तक जिंदा रहता है वायरसइस वायरस के जिंदा रहने को लेकर अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं। इसका समय इस बार पर निर्भर करता है कि इसकी मात्रा कितनी है। पूर्व में आए कोरोना वायरस के आधार पर कोरोना वायरस की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा रहा है।
आमतौर पर कागज पर यह पांच घंटे से लेकर 24 घंटे तक जिंदा रह सकता है। किसी धातु पर यह 12 घंटे तक जिंदा रह सकता है। गाउन पर एक घंटे से लेकर दो दिन तक, काटन गाउन पर पांच मिनट से 24 घंटे तक जिंदा रहता है। ऐसी स्थिति में यदि आपको यह आशंका है कि किसी पीड़ित के संपर्क में आए तो तत्काल कपड़ों को साबुन से धुलकर धूप में सुखाएं। तेज धूप में सुखाना ज्यादा कारगर होगा।
ये कहते हैं केजीएमयू और लोहिया के डॉक्टर
केजीएमयू के सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने बताया कि बहुत जरूरी हो, तभी अस्पताल आएं। अस्पताल में भीड़ से इस बीमारी के भी बढ़ने की आशंका है। जिन लोगों का इलाज पहले से चल रहा है और उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं है तो वे पहले से चल रही दवाएं लेते रहें और अस्पताल आने से बचें।
अफवाहों पर न दें ध्यान, पुख्ता है इलाज की व्यवस्थालोहिया संस्थान के निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी का कहना है कि भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बचकर इस वायरस को रोका जा सकता है। विभिन्न देशों में यही तकनीक अपनाई गई है। यदि किसी को समस्या होती है तो यहां के चिकित्सा संस्थानों में इलाज के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों की हालत में लगातार सुधार हो रहा है।
खानपान में बरतें सावधानीलोहिया संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि सर्दी-जुकाम होने पर गुनगुना पानी पीएं और धूप लें। गरारा करने के लिए गुनगुने पानी में नमक मिला सकते हैं। ठंडी चीजें खाने से बचें। कोराना वायरस की चपेट में वही लोग आ सकते हैं, जो पीड़ित के संपर्क में रहे हों। इसलिए सर्दी-जुकाम को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।