प्राइवेट स्टाफ कर रहा है खरई बैरियर पर अवैध वसूली

शिवपुरी जिले में आने वाले आरटीओ खरई बैरियर इस समय बड़े स्तर से उगाही का काम चल रहा है जिसमें ट्रक ड्राइवरों से मौजूद स्टॉफ व प्राइवेट स्टॉफ डरा धमका कर पैसे ऐंठते नजर आ आते है। दो सौ से पांच सौ की रसीद के दो दो हजार रुपये रुपये बसूले जाते है जिसका सबूत बेरियर की खिड़की पर खड़े ड्राइवरों के हाथ मे दो-दो हजार के नोटों को देते हुए देखा जा सकता है। अब सवाल उठता है कि रात और दिन चल रही इस लूट का आखिर कौन जिम्मेदार है। आखिर किस किस पर जा रहा है इस अंधी कमाई का हिस्सा ।
इस अंधी लूट के वाले जब ट्रक ड्राइवरों से पूछा गया तो ड्राइवरों ने बताया कि हमें कार्यवाही का झूठा डर दिखाया जाता है साथ ही दिखाए गए कागजों को जप्त करने की धमकी भी दी जाती है जिसके कारण समय व झूठी कार्यवाही से बचने के लिए हमें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है अगर ऐसी स्थति में हमारे द्वारा जब विरोध किया जाता है तो बेरियर पर उपस्थित पाल रखे गुंडों द्वारा हम पर लाठी डंडों से हमला किया जाता है।

लाखों का चूना लगाया जा रहा है हर माह-

आरटीओ, वाणिज्यकर, मंडी और वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह कारनामा खरई बेरियर पर मौजूद कर्मचारियों व प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा बेख़ौफ़ सरकार को लाखों रुपए का चूना लगा दिया जाता है। आखिर हो रही इस राजस्व की हानि का फिर किसे जिम्मेदार ठहराए।

हमेशा से विवादों में खरई आरटीओ बैरियर-

खरई बैरियर अवैध वसूली को लेकर हमेशा से विवादों में रहा है। इसके बाद भी यहां पर कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे। इस केंद्र पर अवैध वसूली के जरिए यहां पर पदस्थ स्टाफ अपनी जेबें भर रहा है। जबकि शासन को राजस्व की हानि हो रही है। 

पशु तस्करों के साथ गहरे संबंध

खरई आरटीओ बेरियर पर सबसे सुनहरी कमाई का अवसर पशु तस्करी करने वाले भी प्रधान करते है आखिर पशु को ले जाने वाले वाहनों की किस क्राइटेरिया में इंट्री की जाती है।

जबकि पशुओं की तस्करी को कइयों प्रतिशत आरटीओ बेरियर से रोका जा सकता है परन्तु काली उगाई में व्यस्त यह कर्मचारी बेजुबान जानवरों को भी नहीं छोड़ते ।

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