इंदौर में आठ साल से सक्रिय ‘आंटी‘ के ड्रग तस्करी और सेक्स रैकेट का खुलासा, नौ गिरफ्तार
मध्यप्रदेश के इंदौर में युवाओं को नशे के गर्त में धकेलने वाली 'आंटी' उर्फ पूजा उर्फ प्रीति ने सेक्स रैकेट सरगना सागर जैन, ड्रग पैडलर्स और जिम ट्रेनर के साथ मिलकर ड्रग्स और सेक्स रैकट का अवैध व्यापार खड़ा किया हुआ था। अब इनके गैंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें बताया गया है कि प्रीति ने पिछले आठ सालों में शहर के नामचीन कारोबारियों, होटल मालिकों और ज्वेलर्स को अपने जाल में फंसाया। वहीं, इस मामले का खुलासा होने के बाद एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। एसपी विजय खत्री ने बताया आरोपियों ने युवाओं को ड्रग के जाल में फंसाने के साथ सेक्स रैकेट चलाने के लिए संगठित गिरोह बनाया हुआ था। अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से ड्रग के सोर्स की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि इस गैंग की मुखिया महिला का नाम प्रीति है। पूछताछ में इसने अपने कुछ स्थानीय ड्रग पैडलरों की जानकारी पुलिस को दी है। इन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीम को रवाना किया गया है।
पूर्वोत्तर की महिलाओं को विदेशी बताकर भेजा जाता था पार्टियों में
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह की सरगना प्रीति पूर्वोत्तर राज्यों की महिलाओं को विदेशी महिलाएं बताकर अपने हाईप्रोफाइल ग्राहकों के यहां भेजती थी, उसने ऐसा कर लाखों रुपये की कमाई की। इसके अलावा प्रीति ने मुंबई, पुणे और दिल्ली में रहने वाली कई लड़कियों को रशियन बताकर कई ग्राहकों की पार्टियों में भेजा। वहीं, अब पुलिस महिला के खातों की जांच कर रही है, ताकि पिछले 10 सालों में हुई कमाई का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद अब होगी अपराधियों की लिस्टिंग
प्रदेश में बढ़ रहे नशा तस्करी को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों पर सख्त बरती। इसका नतीजा यह हुआ कि आईजी ने सभी जिले के सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिया कि वह अपने क्षेत्र में नशे की सप्लाय चेन को तोड़ने के लिए ड्रग तस्करों की लिस्टिंग करें। आईजी योगेश देशमुख ने कहा कि पुलिस अधिकारी अपने यहां के अपराधियों और ड्रग की तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्यों की जानकारी जुटाते हुए, उनकी लिस्टिंग करें। आईजी ने निर्देश दिया कि सबसे पहले उन अपराधियों को हिरासत में लिया जाए, जो इस अवैध व्यापार से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, इन अवैध गतिविधियों में लिप्त रहे उन अपराधियों की भी लिस्टिंग की जाए, जिनका पुराना रिकॉर्ड पुलिस के पास मौजूद है।