मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की नीति के चलते राजगढ़ कलेक्टर ने ब्यावरा जनपद के निलंबित सीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सीईओ केके ओझा का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह सरपंच से 5,000 रुपये की रिश्वत लेते और 25 हजार रुपये की मांग करते दिखाई दे रहे थे।
वीडियो वायरल होने पर भोपाल संभाग आयुक्त मालसिंह ने जिला पंचायत राजगढ़ के सीईओ के प्रतिवेदन पर जनपद पंचायत ब्यावरा के सीईओ केके ओझा को निलंबित किया था। अब जिला कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एफआईआर के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ नो टॉलरेंस पॉलिसी लागू करने और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित ने बताया कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि प्रदेश में कही भी किसी भी शासकीय सेवक द्वारा घूस लेने की घटना को पूरी गंभीरता से लेते हुए ऐसे अफसरों पर एफआईआर कराई जाए। साथ ही उन्हें जेल भेजा जाए। उक्त अधिकारी के विरुद्ध जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री देवेन्द्र दीक्षित ने थाना ब्यावरा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत एफआईआर दर्ज की है। साक्ष्य के रूप में सीडी और 65-बी भारतीय साक्ष्य अधिनियम का प्रमाण पत्र भी संलग्न किया हैरिश्वत मांगने के मामले में निलंबित जनपद सीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज, सरपंच से ली थी घूस - MP
byThe Today Times
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