सर्वे के अनुसार प्रदेश में इस बार स्पष्ट बहुमत की सरकार के आसार कम, पिछले विधानसभा चुनाव की तरह आ सकते है परिणाम, अन्य प्रदेशों से मध्यप्रदेश में महंगाई के चलते सरकार से लोगो में नाराजगी - MP



मध्यप्रदेश में आगामी 6 माह के अंदर विधानसभा के चुनाव होना है विधानसभा के चुनावों में इस बार मुख्य मुद्दा महंगाई का हावी होता हुआ दिखाई दे रहा है मध्यप्रदेश में अन्य प्रदेशों की तुलना में कई वस्तुओं पर कई गुना अधिक मेहगाई प्रदेश सरकार के टैक्स के कारण है जिसके चलते लोगो में प्रदेश की भाजपा सरकार से नाराजगी है आने वाले विधानसभा के चुनावों तक सरकार ने महंगाई पर लगाम नहीं लगाई तो चुनावों के परिणाम पिछले विधानसभा चुनाव की तरह आने की संभावना है। 

प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनैतिक दलों के साथ-साथ कई ऐजैंसियां एवं सरकार तंत्र चुनावों के परिणाम को लेकर सर्वे करने में जुटे हुये है ऐसे ही एक एजैंसी से जब हमारी चर्चा हुई तो उन्होंनें बताया कि भाजपा सरकार के 18 वर्ष के कार्यकाल एवं महंगाई के मुददे पर सरकार के प्रति लोगो में नाराजगी है किन्तु कांग्रेस में भी एक नेता पर आम राय न होने के कारण कांग्रेस की भी सरकार बनती हुई नजर सर्वे के अनुसार नहीं आ रही आने वाले विधानसभा चुनावों का परिणाम इस बार एक पार्टी को बहुमत का आंकड़ा देते हुये नजर नहीं आ रहे इस बार के चुनावों में अन्य दलों के सहयोग से ही सरकार बनती हुई सर्वे के अनुसार दिखाई दे रही है अन्य दलों के खाते में 10-30 सीटे आती हुई दिखाई दे रही है जबकि भाजपा के खाते में 80-105 तथा कांग्रेस के खाते में 70-95 सीटे सर्वे के अनुसार मिलती हुई अभी तक के आंकड़ों में नजर आ रही है इसके हिसाब से इस बार प्रदेश में स्पष्ट बहुमत की सरकार आती हुई दिखाई नहीं दे रही है क्योंकि भाजपा सरकार को जहां अन्य प्रदेशों से मंहगे उत्पाद बेचने तथा सरकार का विरोध एवं गुटवाजी घेरे हुये है वहीं कांग्रेस में एक नेता पर एक राय तथा एक वयान न देने के चलते लोग कांग्रेस पर भी ज्यादा भरोसा नहीं कर रहे जिसके चलते अन्य दलों को इस बार के चुनाव में अच्छी खासी सीटे मिलती हुई दिखाई दे रही है। 



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