टीकाकरण को बढ़ाने के लोए समाज में फैले भ्रम और मिथको को दूर करना होगा - डॉ संजय - Kolaras

यूनिसेफ़ के सहयोग से एमपी व्हीएचए नें जागरूकता अभियान चलाया             

कोलारस - विकासखंड कोलारस  में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर यूनिसेफ के सहयोग से MPVHA द्वारा एक विशेष उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य "जीरो डोज" की श्रेणी में आने वाले बच्चों तक टीकाकरण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना तथा समाज के विभिन्न वर्गों विशेषकर प्रभावशाली व्यक्तियों, स्थानीय प्रतिनिधियों, शहरी निकायों, पंचायती राज संस्थाओं और सामुदायिक संगठनों, को इस अभियान से जोड़ना रहा। कार्यक्रम इस पर आधारित था कि जब समाज के नेतृत्वकर्ता स्वयं टीकाकरण के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो उससे न केवल जन-जागरूकता बढ़ती है, बल्कि व्यवहार में भी सकारात्मक परिवर्तन आता है।

इस अवसर पर  खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय राठौर द्वारा उपस्थित सहभागियों को बताया गया कि अभी भी समाज में कई ऐसे परिवार हैं जो किसी न किसी कारणवश टीकाकरण से वंचित हैं या टीकाकरण को लेकर झिझक, भ्रम या मिथकों के शिकार हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि समाज के प्रभावशाली व्यक्ति आगे आकर अपने प्रभाव क्षेत्र में सही जानकारी, प्रेरणा और विश्वास का वातावरण बनाएं। 

जीरो डोज यह उन मासूम बच्चों का प्रतिनिधित्व करता है जिन्हें एक साल तक पेंटा टीका की कोई भी खुराक नहीं लग पाई  है और जो गंभीर बीमारियों के प्रति पूर्णतः असुरक्षित हैं। इन बच्चों की सुरक्षा हेतु केवल स्वास्थ्यकर्मियों का प्रयास पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को इस दायित्व में सहभागी बनना होगा। 

इस अवसर पर डॉ. राकेश राठौर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण बच्चों को खसरा, रूबेला, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनस, पोलियो, हेपेटाइटिस-बी, टीबी, रोटावायरस, जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है उन्होंने ज़ीरो डोज़ बच्चों की पहचान को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यदि ऐसे बच्चों को समय रहते टीकाकरण से नहीं जोड़ना आवश्यक है।

जिला समन्वयक अमन प्रताप सिँह द्वारा विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि प्रभावशाली व्यक्ति अपने सामाजिक प्रभाव, संवाद क्षमता एवं नेतृत्व गुणों का उपयोग करते हुए समुदाय में टीकाकरण से संबंधित भ्रांतियों को दूर करें और असमंजस की स्थिति में टीकाकरण से वंचित परिवारों को विश्वासपूर्वक टीकाकरण के लिए प्रेरित करें इस संदर्भ में प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई, क्योंकि वे न केवल जनसामान्य तक शीघ्रता से पहुंच रखते हैं, बल्कि उनके शब्दों में लोगों के लिए एक विशेष भरोसा और प्रेरणा निहित होती है।

इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधि, एसएचजी की सदस्य, एमएसडब्ल्यू के छात्र उपस्थित रहे एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय राठौर, बीसीएम विवेक पचौरी डब्ल्यू एच ओ से डॉ. राकेश राठौर, एमपीवीएचए यूनिसेफ के जिला समन्वयक अमन प्रताप सिंह गौर, ब्लॉक समन्वयक कमल बाथम,सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म