मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्वच्छ जल अभियान” का किया शुभारंभ ’’ - Shivpuri



जल सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल सुनवाई के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की सुनिश्चितता का संकल्प

शिवपुरी - प्रदेश में नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “स्वच्छ जल अभियान” का शुभारंभ किया गया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई इस अभियान के मूल उद्देश्य हैं “जल सुनवाई” के माध्यम से आम जनता को अपनी बात रखने का अधिकार मिलेगा तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि स्वच्छ पेयजल घर-घर तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है तकनीक के उपयोग से जिम्मेदारी का प्रभावी निर्वहन किया जाए पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित हो दूषित जल पाए जाने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए किसी भी स्थिति में दूषित पेयजल की आपूर्ति न हो। 

जल सुनवाई का गंभीरता से आयोजन किया जाए 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है लेकिन सभी के सामूहिक प्रयासों से प्रदेश को देश के लिए एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी इस दौरान एनआईसी शिवपुरी के व्हीसी कक्ष में जिले से कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वच्छ जल अभियान का संचालन दो चरणों में किया जाएगा प्रथम चरण- 10 जनवरी से 28 फरवरी 2026, द्वितीय चरण- 1 मार्च से 31 मई 2026 अभियान के अंतर्गत समस्त जल शोधन यंत्रों एवं पेयजल संग्रहण टंकियों की नियमित सफाई की जाएगी जीआईएस मैप आधारित एप के माध्यम से निगरानी की जाएगी पेयजल पाइप लाइनों में दूषित जल के मिश्रण को रोकने हेतु सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी 

जीआईएस मैप पर जल पाइप लाइन एवं सीवेज पाइप लाइन की मैपिंग की जाएगी, इंटर प्वाइंट सेक्शन का चिन्हांकन कर लीकेज की जांच की जाएगी पाइप लाइनों में लीकेज की जांच के लिए रोबोटिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा सभी पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता का परीक्षण एवं एसटीपी की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।


नागरिक सहभागिता एवं शिकायत निवारण

अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जन-जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता पर विशेष बल दिया जाएगा प्रत्येक मंगलवार को “जल सुनवाई” आयोजित की जाएगी पेयजल संबंधी शिकायतें 181 पर दर्ज की जा सकेंगी प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण कर आवेदक को अवगत कराया जाएगा। 

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म