शिवपुरी - शहर के नवनिर्मित और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान दून जूनियर स्कूल में प्रथम शैक्षणिक सत्र (2026-27) की शुरुआत किसी उत्सव से कम नहीं रही।
स्कूल के पहले दिन नन्हे सितारों का स्वागत जिस गर्मजोशी से किया गया, उसने बच्चों और अभिभावकों दोनों का दिल जीत लिया।
पुष्प वर्षा और कार्टून कैरेक्टर 'लोमड़ी' रहे आकर्षण का केंद्र - स्कूल प्रबंधन ने प्रथम प्रवेश को यादगार बनाने के लिए खास इंतजाम किए थे स्कूल के मुख्य द्वार पर शिक्षकों ने बच्चों पर फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया। परिसर में मौजूद कार्टून कैरेक्टर 'लोमड़ी' बच्चों के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज रहा।
अपने मजेदार डांस मूव्स से न केवल इस कैरेक्टर ने बच्चों को खूब हंसाया, बल्कि उन बच्चों का डर भी पल भर में दूर कर दिया जो पहली बार स्कूल की दहलीज पर कदम रख रहे थे।
सरस्वती वंदना से संस्कारमयी शुरुआत - शिक्षा की देवी मां सरस्वती के चरणों में वंदन के साथ सत्र का श्रीगणेश हुआ। नन्हे बच्चों को सरस्वती जी के महत्व के बारे में बताया गया और सामूहिक रूप से वंदना की गई, ताकि बच्चे अपने शैक्षिक जीवन की शुरुआत संस्कारों के साथ करें।
डर पर भारी पड़ा शिक्षकों का ममतामयी व्यवहार - चूंकि अधिकांश बच्चे अपने शैक्षिक जीवन की पहली सीढ़ी चढ़ रहे थे, इसलिए शुरुआती पलों में उनके चेहरों पर थोड़ी झिझक और डर था लेकिन स्कूल की रंग-बिरंगी सजावट और शिक्षकों के ममतामयी व्यवहार ने जल्द ही उस डर को उत्साह में बदल दिया बच्चे अपनी नई कक्षाओं और खिलौनों को लेकर काफी रोमांचित नजर आए।
एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग:- स्कूल के पहले दिन बच्चों पर किताबों का बोझ डालने के बजाय उन्हें 'एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग' से जोड़ा गया खेल-कूद, कविताओं और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को स्कूल के माहौल में ढाला गया।
"हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को एक ऐसा खुशहाल वातावरण देना है जहाँ वे अपनी जिज्ञासाओं के साथ बढ़ सकें पहले दिन बच्चों का यह उत्साह हमारे संकल्प को और मजबूत करता है।"
— सीमा अरोरा, संचालक (दून जूनियर स्कूल)
अभिभावकों की सराहना
स्कूल की व्यवस्थाओं को देख अभिभावकों ने भी प्रबंधन पर गहरा भरोसा जताया अभिभावकों का कहना था कि स्वागत का यह अनूठा तरीका बच्चों के मानसिक विकास और स्कूल के प्रति उनके लगाव को बढ़ाने के लिए प्रेरणादायक होगा।

