भाजपा का यह नया ट्रेंड सामान्य वर्ग के बड़े चेहरों को ठिकाने लगाना, दतिया उपचुनाव का फैसला ब्राह्मण नेताओं के राजनीतिक करियर के ताबूत में आखिरी कील साबित - MP News

मध्यप्रदेश - भाजपा का यह नया ट्रेंड सामान्य वर्ग के बड़े चेहरों को ठिकाने लगाने जैसा है, जहां दतिया उपचुनाव का फैसला ब्राह्मण नेताओं के राजनीतिक करियर के ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ है। 

मध्य प्रदेश में कभी मुख्यमंत्री के बाद नंबर दो की हैसियत रखने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा को किनारे लगाकर भाजपा ने उनके राजनीतिक भविष्य पर पूरी तरह ग्रहण लगा दिया है और सिर्फ डैमेज कंट्रोल के लिए एक नया ब्राह्मण चेहरा सामने कर दिया ताकि समाज में गुस्सा न भड़के। क्योंकि पुरानी कहावत है कि यदि लोहे को काटना है तो लोहे का ही सहारा लेकर काटा जा सकता है। इसी प्रकार दतिया में ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को खत्म करने के लिए भाजपा ने ब्राह्मण समाज से ही आशुतोष तिवारी को चुना और उपचुनाव के मैदान में उतार दिया।

कुछ लोग तर्क दे रहे हैं कि 'अरे भाई, ब्राह्मण नेता की जगह ब्राह्मण नेता को ही तो खड़ा किया जा रहा है, तो फिर दिक्कत क्या है?' अरे भाई, बात बिल्कुल ठीक है, लेकिन जो नेता मुख्यमंत्री के बाद प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा चेहरा और ब्राह्मणों की मुखर आवाज हो, उसे इस तरह साइड करके नया चेहरा लाने का आखिर औचित्य क्या है? 

यह सिर्फ सामान्य वर्ग के मजबूत और कद्दावर नेताओं को खत्म करने की एक गहरी राजनीतिक साजिश है, ताकि कोई भी बड़ा नेता राष्ट्रीय स्तर पर न उठ सके और अपने समाज के हक की बात न कर पाए।
दतिया की यह तस्वीर साफ बताती है कि भाजपा में अब सामान्य वर्ग के लिए दोहरे मापदंड हैं। 

जब उत्तर प्रदेश में चुनाव हारने के बावजूद केशव प्रसाद मौर्य को दोबारा उपमुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी जा सकती है, तो फिर मध्य प्रदेश के इतने बड़े दिग्गज नरोत्तम मिश्रा को सरकार या संगठन में कोई बड़ी जगह क्यों नहीं दी गई? 

ब्राह्मण समाज और सामान्य वर्ग के नेताओं को इस घटनाक्रम से साफ सबक ले लेना चाहिए कि अगर आप फॉरवर्ड क्लास से हैं और एक बार चुनाव हार गए, तो पार्टी आपकी वापसी के सारे रास्ते हमेशा के लिए बंद कर देगी। 

आज सत्ता में बैठे सामान्य वर्ग के नेता सिर्फ रबर स्टैंप और नाममात्र के रह गए हैं, पार्टी के लिए उनका कोई असली औचित्य नहीं बचा है और यही आज का सबसे कड़वा सच है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म