कोलारस - कोलारस के लुकवासा के समीप ग्राम अनंदपुर में चल रही श्री शिवमहापुराण कथा एवं पार्थिव शिवलिंग निर्माण महोत्सव के सप्तम दिवस पर राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित श्री ब्रजभूषण जी महाराज ने बताया की द्वादश ज्योतिर्लिंगों का बहुत बड़ा महत्व हमारे पुराणों में शास्त्रों में बताया गया है जो हर मनुष्य को ज्योतिर्लिंगों का रोज स्मरण करना चाहिए एवं उनका नाम लेना चाहिए जो मनुष्य ज्योतिर्लिंगों का रोज स्मरण करता है उनका ध्यान करता है एवं उनका पूजन करता है।
ऐसे व्यक्ति के जीवन में भगवान भोलेनाथ की कृपा अवश्य होती है एवं गृहस्थ व्यक्तियों को धन मिलता है संन्यासियों को ईश्वर मिलता है एवं मोक्ष चाहने वालों को मोक्ष की प्राप्ति भी द्वादश ज्योतिर्लिंग के ध्यान करने से होती है यह ज्योतिर्लिंग भगवान के शिव के स्वरूप है अलग-अलग देवताओं ने ऋषियों ने भजन करके ज्योतिर्लिंगों को प्रकट किया है और भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर के भगवान ने अपने आप को ज्योतिर्लिंगों के रूप में प्रकट किया है आचार्य जी ने सुंदर शिव पुराण की महिमा का वर्णन करते हुए है बताया कि श्री शिवमहापुराण साक्षात भगवान शिव का स्वरूप है शिवमहापुराण की कथा अनंत है भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए एवं शिव के भक्त जो हैं शिव संप्रदाय से दीक्षित हैं उनके लिए अधिक से अधिक श्री शिवमहापुराण का सेवन करना चाहिए क्योंकि भगवान भोलेनाथ शिव कथा सुनने से बड़े प्रसन्न होते हैं और मनुष्यों के लिए धर्म अर्थ काम मोक्ष प्रदान करते है।
शिवपुराण कथा में महाराज जी ने सुंदर श्री हनुमान जी महाराज के जन्म का प्रसंग सुनाया और बताया कि हनुमान जी महाराज साक्षात शिव के अवतार हैं एवं शंकर सुमन है भगवान राम के कार्यों करने के लिए साक्षात् भोलेनाथ जी श्री हनुमान जी बनाकर पधारे और माता अंजनी के द्वारा उनका जन्म हुआ हुआ है कथा के उपरान्त सभी ने व्यासपीठ का पूजन किया इस कथा का आयोजन 29 जुलाई से 5 अगस्त तक किया जा रहा है कथा का आयोजन समय ग्राम वासियों के सहयोग से एवं जन-जन के सहयोग से हो रहा है कथा का भंडारा 5 तारीख को किया जावेगा।
Tags
Kolaras