पुलिस आरक्षक, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक की भर्ती में मिलेगा लाभ; भर्ती नियमों में संशोधन करेंगे संबंधित विभाग
भोपाल/शिवपुरी। मध्यप्रदेश में अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने संबंधी आदेश जारी किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 8 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश की विभिन्न वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके दायरे में गृह, जेल, वन और वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत आने वाले कुछ पद शामिल हैं।
जारी आदेश के अनुसार, संबंधित विभागों को अपने भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आदेश की प्रतियां शासन के विभिन्न विभागों, संभागायुक्तों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं, ताकि निर्णय के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
इन पदों पर मिलेगा आरक्षण
शासन के आदेश में पांच श्रेणियों के पदों के लिए अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का उल्लेख किया गया है। इनमें शामिल हैं—
- गृह विभाग: आरक्षक (सामान्य ड्यूटी)।
- गृह विभाग: आरक्षक (विशेष सशस्त्र बल/रेडियो)।
- जेल विभाग: जेल प्रहरी।
- वन विभाग: वन रक्षक।
- वाणिज्यिक कर विभाग: आबकारी आरक्षक।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, इन पदों पर होमगार्ड और भूतपूर्व सैनिकों के लिए भी अलग-अलग आरक्षण प्रावधान हैं। हालांकि, संबंधित पदों पर लागू होने वाले सभी प्रावधानों की पुष्टि आधिकारिक आदेश और संशोधित भर्ती नियमों से की जानी चाहिए।
क्या होता है क्षैतिज आरक्षण?
क्षैतिज आरक्षण का अर्थ है कि निर्धारित आरक्षण संबंधित सामाजिक श्रेणियों के भीतर लागू किया जाता है। उदाहरण के लिए, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित श्रेणी के अंतर्गत पात्र अग्निवीरों को नियमानुसार इसका लाभ मिल सकता है।
यह व्यवस्था सामान्यतः लंबवत आरक्षण से अलग होती है। इसके तहत अग्निवीरों के लिए निर्धारित अवसरों का समायोजन लागू आरक्षण नियमों और भर्ती प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
पात्र अभ्यर्थी नहीं मिलने पर क्या होगा?
आदेश के विवरण के अनुसार, यदि अग्निवीरों की श्रेणी में पर्याप्त पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो आरक्षित रिक्त पदों को प्रचलित भर्ती नियमों के अनुसार अन्य पात्र अभ्यर्थियों से मेरिट के आधार पर भरा जा सकेगा। संबंधित विभागों को आरक्षण लागू करने के लिए अपने भर्ती नियमों में आवश्यक बदलाव करने होंगे।
चार साल की सेवा के बाद रोजगार के अवसर
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के अंतर्गत अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष निर्धारित है। सेवा पूरी होने के बाद अधिकांश अग्निवीर नियमित सैन्य सेवा में आगे नहीं रहते, ऐसे में उनके लिए दूसरे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर महत्वपूर्ण हैं।
मध्यप्रदेश में वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण की व्यवस्था लागू होने से पात्र पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, जेल, वन और आबकारी विभागों की संबंधित भर्तियों में अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ भर्ती नियमों में संशोधन, पात्रता शर्तों और संबंधित पदों के लिए जारी होने वाले भर्ती विज्ञापनों के अनुसार निर्धारित होगा।
महत्वपूर्ण: आरक्षण की सटीक शर्तों, लागू होने की तारीख और संबंधित पदों की पात्रता की पुष्टि सामान्य प्रशासन विभाग के मूल आदेश तथा संबंधित विभागों द्वारा जारी संशोधित भर्ती नियमों से की जानी चाहिए।
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