हापुड़ जिले में मॉब लिंचिंग में जीवित बचे एक व्यक्ति की याचिका पर 13 अगस्त को सुनवाई के लिये सहमत हो गया है. कथित रूप से गौवध के शक में कुछ लोगों के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.
इस हमले में जीवित बचे समीउद्दीन ने हापुड़ घटना की अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल से जांच कराने और आरोपियों की जमानत रद्द करने का अनुरोध किया है. इसके अलावा उन्होंने इस मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश से बाहर कराने का अनुरोध भी किया है।सीजेआई दीपक मिश्रा, जस्टिस डी वाई चन्द्रचूड़ और जस्टिस इन्दिरा बनर्जी की पीठ ने पीड़ित समीउद्दीन की वकील वृन्दा ग्रोवर के आग्रह पर विचार किया कि याचिका पर जल्द सुनवाई की आवश्यकता है क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस घटना को रोड रेज का मामला बताया है जबकि इसमे 45 वर्षीय मांस कारोबारी कासिम कुरैशी मारा गया था।आरोप है कि 64 वर्षीय समीउद्दीन और कासिम कुरैशी की 18 जुलाई को उप्र के हापुड़ में कुछ व्यक्तियों के समूह ने उन दोनों के कथित गौ वध में शामिल होने के संदेह में कथित रूप से पिटाई की थी. इस पिटाई में दोनों बुरी तरह जख्मी हो गये थे और कुरैशी की बाद में मृत्यु हो गयी। इस याचिका में समीउद्दीन ने आरोपी युधिष्ठिर सिंह सिसोदिया की जमानत रद्द करने और इस मामले को सुनवाई के लिये उप्र से बाहर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने इस घटना के संबंध में हल्की धाराओं के तहत रोड रेज का मामला दर्ज किया है. याचिका में इसे रोडरेज का नहीं बल्कि मॉब लिंचिंग की घटना बताया गया है और इस तर्क के समर्थन में सोशल मीडिया पर सामने आए एक मिनट के वीडियो का भी जिक्र किया गया है।
इस हमले में जीवित बचे समीउद्दीन ने हापुड़ घटना की अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल से जांच कराने और आरोपियों की जमानत रद्द करने का अनुरोध किया है. इसके अलावा उन्होंने इस मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश से बाहर कराने का अनुरोध भी किया है।सीजेआई दीपक मिश्रा, जस्टिस डी वाई चन्द्रचूड़ और जस्टिस इन्दिरा बनर्जी की पीठ ने पीड़ित समीउद्दीन की वकील वृन्दा ग्रोवर के आग्रह पर विचार किया कि याचिका पर जल्द सुनवाई की आवश्यकता है क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस घटना को रोड रेज का मामला बताया है जबकि इसमे 45 वर्षीय मांस कारोबारी कासिम कुरैशी मारा गया था।आरोप है कि 64 वर्षीय समीउद्दीन और कासिम कुरैशी की 18 जुलाई को उप्र के हापुड़ में कुछ व्यक्तियों के समूह ने उन दोनों के कथित गौ वध में शामिल होने के संदेह में कथित रूप से पिटाई की थी. इस पिटाई में दोनों बुरी तरह जख्मी हो गये थे और कुरैशी की बाद में मृत्यु हो गयी। इस याचिका में समीउद्दीन ने आरोपी युधिष्ठिर सिंह सिसोदिया की जमानत रद्द करने और इस मामले को सुनवाई के लिये उप्र से बाहर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने इस घटना के संबंध में हल्की धाराओं के तहत रोड रेज का मामला दर्ज किया है. याचिका में इसे रोडरेज का नहीं बल्कि मॉब लिंचिंग की घटना बताया गया है और इस तर्क के समर्थन में सोशल मीडिया पर सामने आए एक मिनट के वीडियो का भी जिक्र किया गया है।
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नई दिल्ली
