
नई दिल्ली- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। तकनीकी तैयारियों के साथ इसरो ने 'गगनयान' के अंतरिक्ष यात्रियों की तलाश शुरू कर दी है। इसरो वायुसेना के पायलटों को बतौर अंतरिक्ष यात्री भेजने पर विचार कर रहा है। इसरो ने कहा कि अगले कुछ दिनों में अंतरिक्ष यात्रियों का चयन कर लिया जाएगा।इसरो प्रमुख डॉक्टर के शिवन ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि तीन सालों के अंदर अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजा जाना है। अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले यात्रियों को दो-तीन साल की ट्रेनिंग की जरूरत होती है। इसलिए हम पहला काम अंतरिक्ष यात्रियों के चयन का करेंगे। वैसे तो कोई भी अंतरिक्ष यात्री हो सकता है लेकिन वायुसेना के पायलट इसके लिए उपयुक्त होंगे। वायुसेना से बातचीत चल रही है और जल्द इसकी घोषणा की जाएगी।
संख्या पर फैसला जल्दअंतरिक्ष यात्रियों की संख्या को लेकर अभी फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन इसरो ने जो केबिन क्रू सिस्टम तैयार किया है उसकी लंबाई चौड़ाई करीब चार-चार मीटर है और ऊंचाई सात मीटर है। इसमें तीन यात्रियों के बैठने की जगह बनाई है। यात्रियों में महिला भी हो सकती है।
विदेश में प्रशिक्षणअंतरिक्ष यात्रियों को कुछ प्रशिक्षण इंस्टीट्यूट ऑफ वैदर स्पेस मेडिसिन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। बाकी विदेश में होगा। अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण की पूरी सुविधाएं देश में नहीं हैं। इन्हें स्थापित करने में तीन साल लग सकते हैं।