सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को बदलकर केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये नये एससीएसटी एक्ट कानून के खिलाफ सामान्य पिछडा व अल्प संख्यक समाज भी अब मैदान में आ गया है। प्रबुद्ध नागरिक मंच के साथ मिलकर यह समाज देश के हर जिले में 8 सितम्बर को राष्टपति के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपकर यह मांग करेंगे कि वे अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए देश में वर्ग विभाजन को रोकने के लिये इस विवादास्पद एक्ट को रदद कर देश में समाज को विभाजित होने से बचाने की पहल करें। पत्रकारों से चर्चा करतें हुए आज आयोजकों ने कहा कि केन्द्र सरकार ने एससीएसटी एक्ट के जिस कानून को पास किया है जिस के प्रकरण दर्ज होने के बाद बिना सुनवाई के सीधी गिरफतार का प्रावधान है और 6 माह तक किसी भी प्रकार की जमानत न दिया जाना है। इस कानून से तो ऐसा लगता है कि भारतीय संविधान के समानता के सिद्धांत के विपरीत अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिये एक विशेष वर्ग को खुश करने के लिये ही इस कानून को पारित किया गया है। उन्होंने बताया कि कल 8 सितम्बर को सुबह 10 बजे हजारों कार्यकर्ता एकत्र होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौपेंगे।
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