प्रेमिका को मौत के घाट उतार, पुलिस को कर रहा था गुमराह

बांद्रा इलाके में एक लाश की खबर मिलने के बाद जब पुलिस तफ्तीश के लिए पहुंची तो पुलिस को फोन कर बुलाने वाले शख्स पर ही शक हुआ और फिर नाटकीय ढंग से सामने आई प्यार में फरेब की एक कहानी. एक औरत ने एक जवान लड़के को अपने प्यार के झूठे जाल में फंसाया और उसके बाद वह उस लड़के को धमकाकर रकम ऐंठने का खेल खेलने लगी. लड़के ही हैसियत के मुताबिक मांगी गई रकम बहुत ज़्यादा थी इसलिए उसने इस औरत से छुटकारा पाने की कोशिश में एक खूनी खेल खेला. खुद को बचाने के लिए उसने पुलिस के सामने एक नाटक भी रचा लेकिन उसकी ओवर स्मार्टनेस ही उसे ले डूबी.मुंबई पुलिस के पास बीते रविवार यानी 23 सितंबर को एक फोन कॉल पहुंचा कि एक औरत की लाश बांद्रा स्थित एक प्लॉट में पड़ी हुई है. पुलिस फौरन वहां पहुंची तो वहां उस लाश के पास पुलिस का इंतज़ार करता हुआ आनंद मिला जिसने फोन कर पुलिस को बुलाया था. पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कहा कि उसे कत्ल के बारे में कुछ नहीं पता. यह भी नहीं मालूम कि यह औरत कौन थी और उसकी लाश यहां क्यों थी? आनंद का कहना था कि उसने यहां लाश पड़ी देखी तो पुलिस को कॉल किया.अब पुलिस ने आनंद के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि आनंद इस प्लॉट पर बनी छोटी सी झोपड़ी में बतौर वॉचमैन रहता था. झांसी के रहने वाले आनंद ने बताया कि कुछ महीने पहले उसे यहां चौकीदार की नौकरी मिली थी और इस प्लॉट पर एक बिल्डिंग बनने वाली है, इसलिए रोज़ उसका मालिक यहां आता है और शाम तक काम निपटाकर चला जाता है. शाम से सुबह तक




वह अकेले ही यहां रहता है. आनंद पुलिस को पूरा सहयोग करते हुए सब कुछ बता रहा था.पुलिस ने आसपास देखा तो यहां कोई सीसीटीवी नहीं था जिससे मकतूल औरत या आनंद के किसी मूवमेंट का पता चल सके. सुनसान से पड़े इस प्लॉट के आसपास कोई चहल पहल भी नहीं थी इसलिए कोई गवाह मिलना भी मुश्किल था. मकतूल औरत के पास से पहचान के तौर पर जो कार्ड मिले, उनसे यह पता चला कि यह लाश अर्चना की थी जो विरार इलाके की रहने वाली थी. अब सवाल यह था कि अर्चना यहां क्यों आई थी और उसे किसने क्यों मारा?पुलिस के हाथ कोई खास सबूत या गवाह नहीं था लिहाज़ा पूछताछ के लिए आनंद को पुलिस थाने ले जाया गया. थाने में बारी बारी से चार अफसरों ने आनंद से पूछताछ की और उसके जवाबों का मिलान किया तो शक इसलिए हुआ कि उसने अलग अलग अफसरों को अलग अलग जवाब दिए थे. दूसरा शक इसलिए हुआ कि अगर कत्ल से उसका कोई लेना देना नहीं था तो वह पुलिस की इतनी मदद क्यों कर रहा था.अब पुलिस ने अंधेरे में तीर मारते हुए आनंद के साथ सख़्ती से पूछताछ की तो कुछ ही देर में वह टूट गया और उसने कबूल कर लिया कि अर्चना का कातिल वही है. आनंद के बयान के बाद पिछले करीब एक साल से चल रही एक कहानी सामने आई जिससे कत्ल का मकसद साफ हो गया.

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