हरीश भार्गव - अशोक चौबे -केन्द्र सरकार द्वारा गरीब सवर्णो को 10 प्रतिशत आरक्षण देेने का कानून बनाया जिसके तहत देश के कई राज्यो ने करीब सवर्णो को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून लागू कर दिया किन्तु मध्य प्रदेश में गरीब सवर्णो को दिया जाने बाला 10 प्रतिशत आरक्षण अभी तक लागू नही हुआ है। अगले माह मार्च में किसी भी समय लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हो सकती है। यदि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गरीब सवर्णो को दिया जाने बाला 10 प्रतिशत आरक्षण का कानून फरवरी माह में लागू नही किया तो इसका नुकसान आने बाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशियो को भुगतना पडेगा यह तय है। जब देश के कई प्रदेश 10 प्रतिशत गरीब सवर्णो को मिलने बाला आरक्षण लागू कर चुके है फिर भला मध्य प्रदेश सरकार उक्त कानून को लागू करने में जितना विलम्ब करेगी प्रदेश की सरकार को उतनी ही हानि झेलनी पडेगी क्योकि वर्ष 2019 से लेकर 2020 तक चुनावो की बेला लगातार जारी रहने बाली है। इस वर्ष अप्रैल माह में लोकसभा के चुनाव उसके बाद नगर निकाय, त्रिस्तरीय पंचायत, मण्डी, स्थानीय संस्थाओ के लिए चुनाव होना है जिसमें कांग्रेस अपनी पकड मतदाताओ में मजबूत बनाये रखने के लिए सवर्णो को मिलने बाला 10 प्रतिशत आरक्षण को इसी माह फरवरी के मध्य तक लागू नही किया तो इसका चुनावो में नुकसान कांग्रेस को झेलना पडेगा।
सवर्णो को आरक्षण शीर्घ लागू नही हुआ तो लोकसभा में कांग्रेस की सीटे भाजपा से निकलेगी कम
लोकसभा चुनावो की घोषणा में कुछ ही दिनो का समय शेष बचा है। केन्द्र सरकार द्वारा बनाये गये 10 प्रतिशत आरक्षण को यदि मध्य प्रदेश में लागू समय रहते यानि कि लोकसभा चुनाव की तारीखो की घोषणा के पूर्व यदि मध्य प्रदेश में आरक्षण का कानून लागू नही किया गया तो सवर्ण समाज जिसके अंतर्गत मध्य प्रदेश में करीब 25 प्रतिशत के आस पास मतदाता आते है। वह आरक्षण मध्य प्रदेश में लागू न होने पर कांग्रेस के विरोध में मतदान कर सकते है। जिस प्रकार मध्य प्रदेश में किसानो का दो लाख तक ऋण माफ करने की घोषणा से प्रदेश में कांग्रेस की पार्टी गठबंधन की दम पर सरकार बनाने में कामयाब हो पाई थी। यदि उसी तरह फरवरी माह माह सवर्णो को मिलने बाला 10 प्रतिशत आरक्षण लागू हो जाता है तो प्रदेश में कांगे्रस 29 में से आधे से अधिक सीट जीतने में कामयाब हो सकती है। और यदि प्रदेश में सवर्णे को आरक्षण लोससभा चुनाव से पूर्व लागू नही हुआ और किसानो को कर्ज माफी का प्रमाण पत्र नही मिला तो लोकसभा चुनावो में मध्य प्रदेश में कांग्रेस को भारी नुकसान झेलना पड सकता है। यानि कि आरक्षण लागू न होने पर किसान एवं सवर्ण दोनो नाराज हुये तो प्रदेश में भाजपा की सीटे कांग्रेस से ज्यादा निकल सकती है।
ब्राहा्रण समाज ने की सांसद सिंधिया से आरक्षण मध्य प्रदेश में शीर्घ लागू कराने की मांग
मध्य प्रदेश में क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का कद मुख्यमंत्री के बराबर माना जाता है मुख्यमंत्री कमलनाथ से लेकर कांग्रेस के राष्टï्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से गुना सांसद सिंधिया की विशेष नजदीकी है सर्व ब्राहा्रण समाज मध्य प्रदेश इकाई ने सिंधिया से मांग की है कि वह जिस प्रकार विकास के लिए प्रदेश एवं केन्द्र की सरकार से हमेशा लडते आये है उसी तरह लोकसभा चुनाव की घोषणा से पूर्व देश के अन्य प्रदेशो की तरह मध्य प्रदेश में भी गरीब सवर्णो को मिलने बाला आरक्षण लोकसभा चुनाव की घोषणा से पूर्व लागू कराने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ पर दवाव बना कर इसे शीर्घ लागू कराये जिससे विधानसभा के चुनावो में ग्वालियर चंबल संभाग से भाजपा का मैदान साफ हुआ है उसी तरह लोकसभा में भी किसान एवं सवर्ण मिलकर प्रदेश में कांग्रेस को भाजपा से अधिक सीटे जिताऐं इसके लिए सिंधिया से शीर्घ मध्य प्रदेश में आरक्षण लागू कराने की मांग ब्राहा्रण समाज ने की है।
करणी सेना के द्वारा भी जारी है आरक्षण लागू कराने को लेकर विरोध प्रदर्शन
करणी सेना ने मंगलवार को गांधी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में हवाई फायरिंग कर अपनी ताकत दिखाई। राजपूतों की सभा में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने 3 हवाई फायर किए। बाद में इस बारे में पूछे जाने पर करणी सेना ने कहा कि राजपूतों के लिए फायर करना आम बात है, लिहाजा इस मामले को ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से गरीब सवर्णों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने अभी तक इस आरक्षण को लागू नहीं किया है। इस आरक्षण व्यवस्था का लागू करने की मांग को लेकर भोपाल में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने सभा बुलाई थी।
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