कोलारस का शासकीय अस्पताल अव्यवस्थाओं के घेरे में जकड़ा

 बाहन में डीजल के नाम पर लगाई जा रही है चपत
कोलारस-सरकार जहां लाखों रुपए का बजट स्वास्थ्य केंद्रों में भेज रही है उसका उद्देश्य है कि जरूरतमंद गरीब लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध हो जाए परंतु कोलारस के शासकीय अस्पताल में बरसों से तैनात चिकित्सकों से लेकर स्टॉप की सोच इसके विपरीत है जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग में तैनात जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते यहां बरसों से पदस्थ स्टॉप पूरी तरह से मनमानी दिखा रहा है जिसके चलते लोग अस्पताल में आने से अब कतरानेलगे हैं कोलारस अस्पताल में सुविधाएं तो मौजूद हैं परंतु स्टाफ के तानाशाही मनमानी रवैया के चलते मरीज लोग परेशानियां उठा रहे हैं कोलारस अस्पताल के डिलीवरी रूम में लड़का होने पर नेक तो लिया जाता है साथ ही वसूली भी की जाती है जिसको स्टाफ आपस में बांट लेता है और यहां पर पूर्व विधायक श्री राम सिंह यादव के द्वारा एलसीडी डिलेबरी रूममें लगाई गई थी परंतु वह लगी है तब से लेकर आज तक चालू नहीं की गई और वह दिखावा बनी हुई है सरकार जहां निशुल्क दवाई इलाज निशुल्क देने का वादा कर रही है वहीं कोलारस में सरकार केही वादोको एक तरफ खूंटी पर टांग कर अवैध उगाही ओर मरीजों को समय पर चिकित्सक तक मौजूद नहीं मिलते रात्रि के समय तो मरीज यदि भूल से भी आ जाए तो उसे दूर से ही देख कर चिकित्सक शिबपुरी के लिए रेफर कर देते हैं जिसके चलते मरीज परेशान हो जाता है और यहां दूसरी बार नहीं आने में ही अपनी भलाईसमझता है जिसके चलते मरीज मजबूरी मे झोलाछाप चिकित्सकों के यहां पर इलाज करवाने जाता है 

 फर्जी तरीके से खर्चा बता कर लगाई जा रही है शासन को चपत 
 कोलारस के शासकीय अस्पताल के अंतर्गत आने वाले उप स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण और बैठकों के नाम  परडीजल के नाम पर फर्जी कागजी कार्यवाही कर शासन को चपत लगाई जा रही है जबकि हकीकत यह है कि ग्रामीण अंचलों में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्रों में तालाबंदी जैसे हालात नजर आ रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य विभाग की एक भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 

ग्रामीण अंचलों की जगह आशा कार्यकर्ता  मंडराती रहती हैं अस्पताल के आसपास 
कोलारस अस्पताल के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल आने सहित छोटी मोटी बीमारियों का इलाज करने के लिए आशा कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई है परंतु यहअपने कार्य स्तल को छोड़कर अस्पताल के आसपास भटकतीहुईदिखाईदेतीहै और अस्पताल में तैनात अकाउंटेंट द्वारा इनके खाते में गर्भवती महिलाओं को लड़का होने पर कमीशन डाल दिया जाता है जिसके चलते उनके हौसले बुलंद है और यह अपनी मनमानी करने में जुटी हुई है अधिकांश ग्राम पंचायतों के लोगअपने गांव की आशा कार्यकर्ताओं को पहचानते ही नहीं है क्योंकि वह गांव छोड़कर शिवपुरी या कोलारस निवास कर रही हैं अधिकांश आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति तक फर्जी तरीके से की गई है विभाग की जनकल्याणकारी योजनाका लाभ लेने भटकती महिलाएं  शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कोलारस नगर की अधिकांश जरूरतमंद गरीब महिलाएं भटक रही है बीते रोज मंगलवार को ग्राम सरजापुर की गरीब हरिजन महिला छोटे से बच्चे को गोदी में अरे कर अपने ससुर के साथ कोलारस अस्पताल मैं संबल योजना का लाभ लेने के लिए भटक रही थी परंतु उसे किसी ने योजना के बारे में नहींबताया इसी तरह यहां पर गर्भवती महिला को बच्चा होने पर मिलने वाली सहायता के लिए भटकना पड़ता है उसे कोई जानकारी ही नहीं देता है इस अस्पताल में कुल मिलाकर कोलारस के एकमात्र सरकारी अस्पताल में सरकार की तमाम योजना का लाभ जरूरतमंदों को समय पर नहीं मिल पा रहा है और वह योजना से वंचित हो जाते हैं जिला सीएमएचओ को कोलारस अस्पताल में चल रहे फर्जीवाड़े की बारीकी से जांच करवाना चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म