हरीश भार्गव - शाकिर खान
कोलारस-कोलारस विधानसभा मुख्यालय पर विगत कुछ माह से अतिक्रमणकारियो के हौंसले इतने बुलंद हो चुके है। कि उन्हे प्रशासन का कोई भय नही है। हाल यह हो चुके है कि रजिस्ट्री कहीं की और निर्माण कहीं और कोलारस एसडीएम आशीष तिवारी विगत कुछ दिन पूर्व शासकीय भूमि पर अबैध रूप से बन रही कुटीरो को हटाने में कामयाब रहे किन्तु कोलारस नगर में हाईवे के दोनो किनारे इन दिनो चल रहे अतिक्रमण कारियो पर नजर दौडाई जाये तो करीब सौ करोड से भी अधिक कीमत की राजस्व भूमि पर अतिक्रमण कारियो ने अतिक्रण कर पक्के भवन निर्माण कर तान रखे है। अतिक्रमण कारियो की रजिस्ट्री, भूमि का डायवर्सन, नगर परिषद से भवन निर्माण की अनुमति हाईवे पर अबैध रूप से अतिक्रण करने बाले लोगो की मंगा ली जाये तो सच्चाई स्वयं सामने आ जायेगी। कोलारस नगर में फोरलाईन के वायपास चालू हो जाने के बाद से अतिक्रमण कारियो की बाढ इस कदर आई हुई है कि लोगो ने अपने घरो के सामने ही अतिक्रमण इतना कर डाला की वाहनो को खडे होने तक को जगह नही बची है। नगर परिषद की हम बात करें तो नगर परिषद राजनैतिक संस्था मानी जाती है यहां वोट बैंक के कारण अतिक्रमण कारियो पर कार्यवाही नही की जाती इसके साथ ही लोकसभा एवं नगर निकाय के चुनाव सिर पर होने के कारण अतिक्रमण कारियो को खुली छूट मिली हुई है। जिसके कारण कोलारस विधानसभा मुख्यालय पर खुलेआम शासकीय भूमि पर पक्के भवन निर्माण का कार्यक्रम बदस्तूद जारी है।
चबूत्तरो, पक्के मकानो से घिरा कोलारस का मेला ग्राउण्ड
कोलारस में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं अन्य आयोजनो के लिए नगर में केवल दो स्थान सुरक्षित माने जाते थे किन्तु अब यह दोनो स्थान चबूत्तरो, पक्के मकानो का अडडा बन चुके है हालात यही रहे तो आने बाले कुछ वर्षो में लोग गोठान भूमि, दशहरा मैदान, मेला ग्राउण्ड को याद करेगे कि कोलारस में किसी समय यह स्थान हुआ करते थे। मीट मार्केट का निर्माण कर गोठान भूमि पर जगतपुर चौराहे पर वोट बैंक साधने के उददेश्य से बूचड खाने का निर्माण किया गया। उसके बाद दशहरा मैदान की हम बात करें तो इस ग्राउण्ड में दस हजार लोग एक साथ खडे होकर रावण के पुतले का दहन देखते थे जहां आज आधे लोगो को खडे होने के लिए जगह नही बची है। इसी क्रम में नम्बर आता है मेला ग्राउण्ड का तो मेला ग्राउण्ड में एक समय मेले के अलावा अनाज मण्डी लगा करती थी किन्तु समय जैसे जैसे बीतता गया कई बीघा भूमि वर्ग फुट में सिमट कर रह गई। क्योकि मेला ग्राउण्ड में किसी समय बस स्टेण्ड बनाने की योजना थी वहां आज चबूत्तरो का स्टेण्ड एवं पक्के भवन एवं निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है। नगर परिषद वोट बैंक साधने तथा चुनाव सिर पर होने के कारण मौन साधे हुये है किन्तु कई दशक बाद कोलारस में आये आईएस आशीष तिवारी को कोलारस में शासकीय भूमि के दस्तावेज निकाल कर उनका सीमांकन कराने की आवश्यकता है। बरना जगतपुर चौराहे की गौठान भूमि से लेकर दशहरा मैदान एवं मेला ग्राउण्ड को अतिक्रमणकारी खत्म करने में ज्यादा समय नही लगायेगे।
हाईवे पर सौ करोड से अधिक की भूमि अतिक्रमण कारियो की चपेट में
हम बात कर रहे है कोलारस विधानसभा मुख्यालय पर चल रहे अबैध अतिक्रमण की तो कोलारस में वायपास चालू होने से पूर्व तथा चालू होने के बाद मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण देखा जाये तो हाईवे किनारे दोनो तरफ शासकीय भूमि पर अतिक्रण कारियो ने पक्के भवन निर्माण बना कर कब्जा कर रखा है। कोलारस नगर में ही हाईवे के दोनो तरफ सौ करोड से भी अधिक की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण दवंग, प्रभावशाली, धनाडय लोगो ने पक्के भवन निर्माण करके अबैध रूप से कब्जा कर रखा है। प्रशासनिक अधिकारी के रूप में तैनात कोलारस एसडीएम यदि हाईवे किनारे मौजूद भवन निर्माताओ से रजिस्ट्री, डायर्वन की कॉपी, भवन निर्माण की अनुमति एवं भूमि स्वामी होने के दस्तावेज मंगवा ले तो कोलारस में अतिक्रमण के क्या हालात है उन्हे स्वयं पता चल जायेगा। कोलारस में जिस समय ईसागढ, रेहली, पिछोर की तरह हाईवे वनवे निर्माण के साथ नालियो का निर्माण होगा उस समय एक नही बल्कि एक हजार लोगो के अतिक्रमण बेनकाव हो जायेगे। अभी तो लोग एक दूसरे की देखा देखी शासकीय भूमि पर पक्के भवन निर्माण करने में जुटे हुये है जिसके चलते कोलारस में हाईवे के किनारे खडे होने बाले वाहनो तक के लिए जगह नही बची है। दिन के समय हालात यह हो जाते है कि हाईवे से लेकर कोलारस में धर्मशाला मार्ग तक दिनभर जाम लगा रहता है। लोग स्वयं की प्रॉपट्री बडाने के चक्कर में अतिक्रमण करने से बाज नही आ रहे है। और नगर परिषद वोट बैंक साधने के चक्कर में मौन साधे हुये है। किन्तु राजस्व अधिकारियेा ने इस पर ध्यान नही दिया तो आने बाले समय में गौठान भूमि, दशहरा मैदान, मेला ग्राउण्ड से लेकर हाईवे के किनारे मौजूद शासकीय भूमि बदरवास एवं लुकवासा की तरह अतिक्रमण के चलते नजर भी नही आयेगी।
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