लोकसभा चुनाव गुना में नामांकन फार्म भरने की प्रक्रिया मंगलवार से प्रारंभ हो चुकी है जो कि 23 अप्रैल मंगलवार की दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगी जिसमें अवकास के दिनो में नामांकन फार्म जमा नही होंगे। नामांकन फार्म भरने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है कांग्रेस के द्वारा अपना प्रत्याशी घोषित करने के साथ ही चुनावी प्रचार कई माह पूर्व से प्रारंभ कर दिया है। वहीं दूसरी ओर भाजपा की हम बात करें तो भाजपा अभी तक प्रत्याशी की खोज में जुटी हुई है। भाजपा के लोग कभी स्थानीय प्रत्याशी को उतारने की मांग करते है तो कभी बडे नेता को गुना लोकसभा में उतार कर सिंधिया को लोकसभा चुनाव में घेरने की बात करते है। कुल मिला कर सिंधिया का कद बढता देख भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओ से लेकर प्रदेश एवं राष्टï्रीय स्तर के नेता तक गुना लोकसभा क्षेत्र में चुनाव लडने से या हार के डर से हिच किचा रहे है। जिसके चलते नामांकन फार्म भरने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाने के बाद भी भाजपा के कार्यकर्ता मौन साधे हुये है। जबकि कांगे्रस ने प्रचार प्रसार से लेकर नामांकन भरने की तारीक एवं चुनाव को अपनी मुठठी में करने की पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता को टिकिट देने की मांग के चलते गुना लोकसभा क्षेत्र से मुंगावली के भाजपा नेता डॉ. केपी यादव को यादव समाज का वोट काटने तथा सिंधिया से दो-दो हाथ करने के लिए चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी लगभग कर ली है। भाजपा द्वारा प्रत्याशी की घोषणा होना शेष है भाजपा के सूत्रो की माने तो भाजपा के प्रदेश एवं राष्टï्रीय स्तर के नेता गुना लोकसभा क्षेत्र में आने से हिचकिचा रहे है। जिसके चलते कार्यकर्ताओ की स्थानीय कार्यकर्ता के नाम पर डॉ. यादव को गुना लोकसभा से प्रत्याशी घोषित करने की भाजपा ने तैयारी कर ली है।
यादव वोट कांगे्रस से काटने के उददेश्य से केपी यादव को भाजपा ने उम्मीदवार बनाने की कि तैयारी
गुना लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने बाली आठ विधानसभा क्षेत्रो में यादव समाज का वोट बैंक बहुसंख्यक वोट बैंको में गिना जाता है। यादव समाज का वोट अधिकांशत: कांगे्रस के पाले में जाता रहा है पूर्व भाजपा नेता देशराज सिंह के बाद भाजपा इस बार गुना लोकसभा क्षेत्र से स्थानीय प्रत्याशी की मांग तथा कांग्रेस का यादवी वोट बांटने के उददेश्य से मुुंगावली के भाजपा नेता डॉ. केपी यादव को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर चुकी है। 23 अप्रैल तक नामांकन फार्म भरे जाने है कांग्रेस के लोग चुनावी प्रचार में कई महिनो से जुटे हुये है जबकि भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी को टक्कर देने बाले प्रत्याशी की तलाश में कई चुनाव हार चुकी है इस बार भी प्रत्याशी को विलम्ब से घोषित करने तथा चर्चित नेता को न उतारने का लाभ इस बार भी कांगे्रस को मिल सकता है। पिछले लोकसभा के चुनावो में शहरी यानि जिला स्तर के मतदाताओ ने मोदी लहर के चलते भाजपा को बढत दिलाई थी जबकि ग्रामीण क्षेत्र की विधानसभाओ से कांग्रेस को लम्बी बढत मिलने के कारण कांग्रेस मोदी लहर के बाद भी लम्बे वोटो से पिछला लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रही थी। इस बार भी भाजपा को उम्मीद है कि पुन: मोदी लहर तथा जिला मुख्यालय के मतदाताओ का भाजपा के प्रति झुकाव तथा यादवी वोट बांटने के साथ-साथ मुंगावली का स्थानीय कार्यकर्ता होने का लाभ केपी यादव के उम्मीदवार बनने से भाजपा को मिल सकता है। इस उम्मीद पर भाजपा के उम्मीदवार कितना खरा उतर पाते है इसके लिए हम सब को मतदान के दिन अथवा मतगणना तक इंतजार करना होगा।
मुकावले को त्रिकोणीय बनाने की स्थिति में अभी तक नही दिखाई देते बसपा उम्मीदवार
गुना लोकसभा क्षेत्र के लिए मतदान में करीब 25 दिन का समय शेष बचा है बसपा द्वारा अपना उम्मीदवार कई माह पूर्व किरार लोकेन्द्र सिंह को उम्मीदवार बनाया गया लोकेन्द्र सिंह शहरी क्षेत्रो में जन सम्पर्क करने में जुटे हुये है किन्तु ग्रामीण क्षेत्रो में बसपा उम्मीदवार का सम्पर्क कमजोर होने के कारण बसपा प्रत्याशी मुकावले को त्रिकोणीय बनाने की स्थिति में नजर नही आ रहे है। क्योकि राजनैतिक लोगो से लेकर मतदाताओ का मानना है कि एससी वोट बसपा से ज्यादा कांग्रेस के खाते में जा सकता है जबकि बसपा उम्मीदवार का जातिगत किरार समाज का वोट बैंक भाजपा, कांग्रेस के बाद बसपा को मिल सकता है। यह बात राजनैतिक हल्को में चर्चा का विषय बनी हुई है। यदि बसपा का मूल वोट बैंक एवं प्रत्याशी के समाज का वोट भी विभाजित होता है तो बसपा लोकसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकावले को दूर की बात है अपनी जामनत के लिए भी संघर्ष करना पड सकता है।
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