गांव के दबंग ,और प्रभावशाली शिक्षक ,भोजन का पैसा और गेहूं डकार रहे है खुलेआम
कोलारस -कोलारस ब्लॉक के प्राथमिक एवं माध्यमिक ,विद्यालयों में मध्यान भोजन जो कि इन दिनों ,स्व सहायता समूह के कब्जे में है ,इस मध्यान्ह भोजन योजना का बंटाधार शिक्षक सहित गांव के दबंग करने में जुटे हुए हैं, जिसके चलते गरीब और जरूरतमंद बच्चों को मध्यान भोजन का लाभ कहीं से कहीं तक नहीं मिल पा रहा है ,जिसके चलते सरकार की ये योजना भी धराशाई हो चुकी है ,और कागजों में संचालित की जा रही है, कोलारस ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में स्थित माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में, इतने बच्चे प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज नहीं कराते, परंतु इसके बावजूद भी कागजों में बच्चों की हाजरी दर्शा कर शिक्षक, और समूह संचालक, फर्जीवाड़ा कर मध्यान भोजन का पैसा ,एवं गेहूं, खुले आम डकार रहे हैं, जनपद पंचायत मैं जिस कर्मचारी पर समूह का कार्य है ,वह भी अपना कमीशन लेकर यहां फर्जीवाड़ा करवा रहा है, कुछ विद्यालयों मैं भोजन बनाया भी जा रहा है तो वह शासन के मीनू अनुसार नहीं बनाया जा रहा, मध्यान भोजन का निरीक्षण करने के लिए अब कोई भी अधिकारी नहीं जा रहा है ,आखिर कहां गुम हो गए निरीक्षक करता, यह प्रश्न आज हर मन मानस के दिमाग में लगातार घूम रहा है ,पहले इस मध्यान भोजन का जिम्मा स्कूलों के शिक्षक के ऊपर था ,तभी तो हर वक्त निरीक्षण अधिकारी को मध्यान भोजन की चिंता रहती थी ,और हर समय शिक्षकों के ऊपर दबाव बनाते रहते थे, लेकिन जब से मध्यान भोजन स्व सहायता समूह के हवाले हुआ है तब से, इस बात की जानकारी किसी को नहीं है कि, स्कूलों मैं भोजन अब किस के निरीक्षण में बन रहा है, और बच्चों को खाने में क्या दिया जा रहा है, कोलारस शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले बैरसिया, राजगढ़ , कीलावनी, भड़ौदा ,डोगरपुर गोरा टीला ,पनवारी ,सेसई सडक़, पचावली , बेहटा, टीला ,मानपुर, राई, रामनगर ,पचावला ,मोहराई, मोहरा ,बूढ़ी राई ,राई, में स्थित शासकीय विद्यालयों मैं ,मध्यान भोजन योजना पूरी तरह ध्वस्त पड़ी हुई है, बीआरसी से लेकर शिक्षा अधिकारी ,ना तो विद्यालयों का निरीक्षण करते हैं ,और ना ही शिकायत आने पर कोई कार्रवाई नहीं करते, समूह संचालक शिक्षकों से मिलकर गेहूं ,और रुपया, डकारने मे लगे हुए हैं, जनपद के कर्मचारी भी शिकायतों पर ध्यान नहीं देते ,जिसके चलते शासकीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना व्यवस्था शोपीस और ध्वस्त पड़ी हुई है ,नए जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ,यदि कोलारस के इन विद्यालयों का निरीक्षण करें तो, मध्यान भोजन से लेकर अन्य योजनाओं में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा निकल कर सामने आ सकता है,
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