कोलारस के वार्डो में संचालित दुकानो का खुलने का समय तक नही

कोलारस-सरकार जहां जरूरत मंद लोगो को सस्ती दर पर राशन उपलब्ध करा रही है परन्तु शासन के उददेश्य को राशन दुकान संचालित करने बाले सैल्समैन पूरा नही होनेे दे रहे। कोलारस विधानसभा क्षेत्र में अधिकांश राशन दुकानो पर नेताओ के समर्थको, रिश्तेदारो का कब्जा अनेक वर्षो से है जिसके चलते ग्रामीण लोग शिकायत करते है परन्तु कार्यवाही नही की जाती। कोलारस अनुविभाग के ग्राम पचावला में तो पिछले माह राशन तक नही बांटा गया यही हाल अधिकांश ग्रामो का है ग्राम कुम्हरौआ, साखनौर, किलावनी, गणेशखेडा, राई, लेवा, तेन्दुआ, मोहरा सहित अधिकांश ग्रामो में संचालित राशन दुकानो पर अनेक वर्षो से जमे हुये सैल्स मैनो द्वारा जम कर धांधली की जा रही है। राशन दुकानो की शिकायते लेकर ग्रामीण लोग आये दिन शासकीय कार्यालयो में भटकते है परन्तु खाद्य अधिकारी के न मिलने से वह बापिस चले जाते है ग्रामीण क्षेत्रो के गरीब जरूरत मंद लोगो को मिलने बाला खाद्यान गरीबो को नही मिल रहा है जिसके चलते जरूरतमंद लोग शासन की योजनाओ के लाभ से कोसो दूर है। अधिकांश गांवो में वायोमैट्रिक मशीन में फिंगर प्रिंट न मिलने का हवाला देकर सैल्समैन ग्रामीणाो को बिना राशन दिये ही लोटा देते है। अधिकांश सैल्समैनो सहित दवंगो पर आदिवासी सहित ग्रामीण लोगो की पात्रता पर्ची तक रखी रहती है जिसके चलते वह प्रति माह राशन ले आते है जिसके चलते जरूरत मंद लोग राशन पाने से बंछित हो जाते है।
पहले सैल्समैन पर कुछ नही था आज आलीशान बंगला सहित गाडियो के मालिक
कोलारस अनुविभाग के अंतर्गत आने बाले ग्रामीण अंचलो से लेकर नगर में वार्डो में संचालित राशन दुकानो के सैल्समैनो पर पहले इतना सब कुछ मौजूद नही था परन्तु अब देखते ही देखते आलीशान मकान, वाहन तक मौजूद है। रातो-रात गरीबो का हक बाजार में बेचकर यह अब उनके पास मौजूद है। खाद्य विभाग के वाहर ताला लगा रहता है यदि सैल्समैनो की शिकायते आती है तो नोटिस देकर बसूली करके अपना कर्तव्य पूरा कर लिया जाता है। अधिकांश सैल्समैनो पर देखते ही देखते 2-2 दुकाने मौजूद है राशन की काला बाजारी का खेल अधिकांश सैल्स मैनो द्वारा खेला जा रहा है इस पर अंकुश लगाने बाला कोई भी दिखाई नही दे रहा। कोलारस सहित ग्रामीण अंचलो में तैनात सैल्स मैनो के यहां यदि छापामार कार्यवाही की जाये तो लाखो की सम्पत्ति निकल कर सबके सामने आ सकती है।