राजनैतिक दलो से जुडे कर्मचारियो पर क्या चुनाव परिणाम आने के बाद होगी कार्यवाही?

दीपक बत्स कोलारस -लोकसभा चुनाव का मतदान समाप्त हो गया और 23 मई को मतगणना होगी क्या इसके बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा लोकसभा चुनावों में राजनीतिक दलों का सपोर्ट करने वाले कर्मचारियों जिनमें पंचायत सचिव शिक्षक रोजगार सहायक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका और कई कर्मचारी शामिल हैं ऐसी चर्चा निकल कर आ रही है कि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा कांग्रेसी नेताओं से अपने अपने क्षेत्र से ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट मंगाई गई है जिसके चलते कर्मचारियों में उदासी स्पष्ट दिखाई दे रही है तो क्या कार्रवाई की जाएगी हम आपको बता देकी कोलारस विधानसभा क्षेत्र में ऐसे अनेक कर्मचारी शिक्षक रोजगार सहायक पंचायत सचिव आगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका ये मौजूद हैं जो अनेक वर्षों से यहां पर पदस्थ हैं और वह साथ किए काम कम और चुनाव में  पार्टी का सपोर्ट अधिक करते हुए दिखाई देते हैं अब ऐसे कर्मचारियों पर कार्यवाही की गाज गिरना लगभग तय है परंतु यह सब कांग्रेस के नेताओं के द्वारा लिस्ट बनाकर दे दी जाएगी तब पार्टी का सपोर्ट करने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही हो सकेगी अन्यथा नहीं इस बात की चर्चा कर्मचारियों के बीच चल रही है और अधिकांश कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति दिखाई दे रही है


 एक पंचायत में पदस्थ सचिव का तो फोटो भी समाचार पत्र में छपा है और वहनेताओं के बीच बैठकर चुनाव की चर्चा मैं शामिल है
 कर्मचारियों के साथ साथ अधिकांश अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है और कोलारस जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत में पदस्थ एक पंचायत सचिव का तो ग्वालियर के एक समाचार पत्र में शिवपुरी पृष्ठ पर बीते रोज शनिवार को चुनाव की चर्चा कर रहे नेताओं के साथ फोटो भी छपा हुआ है ऐसे अनेक कर्मचारी यहां पर तैनात हैं और वह लंबे समय से अंगद की तरह अपने पैर जमाए हुए है और यह शासकीय काम कम करते हैं और राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में रुचि अधिक लेते हुए दिखाई देते हैं और ऐसे कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है


पीएचई विभाग के आला अधिकारी पर भी गिर सकती है गाज
 कोलारस के पीएचई विभाग में पदस्थ एक अधिकारी पर भी गाज गिर सकती है इसका कारण यह है कि यह किसी राजनीतिक पार्टी का सपोर्ट नहीं करते बल्कि पार्टी के नेताओं सहित प्रभारी मंत्री तक का भी फोन यह रिसीव नहीं करते और लोकसभा चुनाव में चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं को सबसे अधिक समस्या पानी की निकल कर सामने आई और ग्रामीण अंचलों में कहीं मोटर नहीं है तो कहीं  हेडपप खराब है फोन लगाने पर यह महाशय फोन रिसीव ही नहीं करते जिसके चलते सत्ताधारी दल के प्रभारी मंत्री सहित कोलारस विधानसभा क्षेत्र के नेताओं के गुस्से का शिकार यह महाशय से हो सकते हैं इससे इनकार नहीं किया जा सकता

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