दीपक बत्स कोलारस-महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत आने बाले ग्राम सेसई सडक, सोनपुरा, बछोरिया, कनावदा, गणेशखेडा, राजगढ, रामपुरी सहित अनेक ग्रामो के आंगनवाडी केन्द्र भीषण गर्मी में नही ख्ुाल रहे पोषण आहार तो कागजो में दिया जा रहा है महिला बाल विकास विभगा अधिकारी न तो निरीक्षण करती है और न ही कोई कार्यवाही सैक्टर सुपर वाईजर कभी-कभी ही कोलारस आती है और कार्यालय में बैठ कर फर्जी रिपोर्ट प्रति माह दे देती है। जबकि हकीगत तो यह है कि इन आंगनवाडी केन्द्रो की कार्यकर्ता से लेकर सहायिकाये वहां निवास न करते हुये कोलारस में ही निवास कर रही है सप्ताह में होने बाले कार्यक्रम भी नही हो रहे बच्चे आंगनवाडियो में अधिक दर्ज है परन्तु केन्द्रो पर यदि जाकर हकीगत जानी जाये तो इतने बच्चे कभी भी केन्द्रो पर नही आते जबकि ग्रामीणजन शिकायते करते है तो कोई कार्यवाही नही की जाती केन्द्र सरकार द्वारा जहां कार्यकर्ताओ, सहायिकाओ की बेतन बढा दी गई है परन्तु इनके द्वारा इतना कार्य और शासन की योजनाओ का लाभ तक गांव के बच्चो और गर्भवती माताओ को नही दिया जा रहा। कुल मिला कर महिला बाल विकास विभाग ही भ्रष्टïाचार का अडडा बना हुआ है। जिसके चलते आंगनवाडी केन्द्रो में तालाबंदी जैसे हालात नजर आ रहे है।
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