मानव अपने जीवन की कीमत नहीं समझता- बृजभूषण

बदरवास के ग्राम टुयावाद  में चल रही श्रीमद्भागवत कथा
बदरवास- मनुष्य प्रत्येक वस्तु की कीमत समझता है लेकिन वह अपने जीवन की कीमत नहीं समझता प्रत्येक वस्तु का मनुष्य संसार में ध्यान रखता है उसकी रक्षा करता है एवं उसका समय पर उपयोग करता है लेकिन मनुष्य ना तो इस जीवन की रक्षा करता मैं  ना कीमत समझता जबकि उसको चाहिए कि इसके द्वारा परमात्मा का अर्चन करें जिससे कि उसका जीवन सफलता को प्राप्त हो सके क्योंकि हमारे ग्रंथ कहते हैं कि मनुष्य शरीर से ही परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है अनेकों  योनियों को  पार करके मनुष्य शरीर प्राप्त होता है यह प्रवचन बदरवास के समीप ग्राम टूडयावद में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन पंडित श्री बृजभूषण महाराज ने अपनी कथा के दौरान  दूसरें दिवस पर दिए और उन्होंने बताया कि सत्संग के बिना मनुष्य के जीवन में क्रांति नहीं हो सकती जब मानव सत्संग करता है तो उसका जो सोया हुआ मन है वह जागृत हो जाता है और भगवान की और उसकी गति हो जाती है मन जो है संसार की ओर भागता है लेकिन उसको सत्संग में ले जाता है भागवत कथा सुनने मिल जाती है तो वह मन परमात्मा की ओर जाने लगता है जिससे जीव का कल्याण होता है इसलिए मनुष्य को नित्य सत्संग करना चाहिए और अपने जीवन की कीमत समझना चाहिए इस कथा का आयोजन समस्त ग्रामवासी  करवा रहे हैं कथा 9 जुलाई से 15 जुलाई तक होगी

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