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ग्रामीण अंचलों की आंगनबाडयि़ों में दिखाई दे रहा है सन्नाटा
नियुक्तियों में भी किया गया था घपला 
कोलारस - महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत आने वाली, करीबन एक दर्जन आंगनबाडयि़ों में तालाबंदी जैसे हालात नजर आ रहे हैं ,और खुलने के समय में इन में सन्नाटा  दिखाई देता है, कोलारस के ग्रामीण अंचलों सोनपुरा ,कनावदा, बसाई ,नेतवास, राजगढ़, वछोरिया, गोरा टीला ,देहरदा सड़क ,मोहरा, की किलावनी, में स्थित आंगनबाडयि़ों में, खुलने की समय में ताला लगा हुआ दिखाई देता है, सेक्टर सुपरवाइजर, कागजों में फर्जी तरीके से रिपोर्ट तैयार कर भेज रही है, निरीक्षण तक नहीं किया जाता है, जिसके चलते ग्रामीण अंचलों की इन आंगनबाडयि़ों में जरूरतमंद बच्चों को कहीं से कहीं इनको सरकार की  जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, पोषण आहार तक नहीं बांटा जा रहा है, आंगनबाडयि़ों में सामान तक गायब कर दिया गया है, कार्यकर्ताओं से लेकर सहायिका, प्रतिमाह वेतन ले रही है ,7 दिन में होने वाले कार्यक्रम तक इन आंगनबाडयि़ों में नहीं किए जा रहे हैं, कोलारस महिला बाल विकास विभाग, की आला अधिकारी की मनमानी के चलते सेक्टर सुपरवाइजर, से लेकर कार्यकर्ताओं, सहायकाये, तक मनमर्जी करने में जुटी हुई हैं 
  

       बाल विकास कार्यालय बना दलाली का अड्डा
 महिला बाल विकास कार्यालय कोलारस दलालों का अड्डा बना हुआ है ,यहां पर बिना दलालों के कोई कार्य ग्रामीण जनों के नहीं होते, यहां पर हुई नियुक्तियों, में जमकर भ्रष्टाचार किया गया था, जिसकी गूंज भोपाल तक गूंज रही थी, परंतु कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ ,जिसके चलते पात्र आवेदक महिलाएं ,नियुक्तियों से वंचित हो गई, कोलारस के महिला बाल विकास कार्यालय के अंतर्गत आने वाली अधिकांश आंगनवाडयि़ों में कार्यकर्ता, से लेकर सहायकायो की फर्जी तरीके से नियुक्ति की गई थी, यदि इन नियुक्ति की जांच कराई जाए तो, बहुत बड़ा फर्जी वाडा निकल सामने आ सकता है ,और आला अधिकारी से लेकर सेक्टर सुपरवाइजर ,और कार्यकर्ता सहायिका, लपेटे में आ सकती हैं।

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