सिंध नदी में भारी उफान, एक दर्जन से अधिक गांवो को बनाया टापू


जल स्तर पहुंचा 340 मीटर के पार कभी भी खुल सकते है मढीखेडा डेम के गेट




हरीरश भार्गव, विशोक व्यास, सर्यू प्रताप यादव कोलारस-कोलारस विधानसभा क्षेत्र के कई इलाको में सिंध नदी अपना कहर वरपा रही है  कई वर्षो बाद सिंध नदी का ऐसा रोद्र रूप देखने को मिल रहा है। सिंध नदी ने कोलारस , बदरवास क्षेत्र के कई ग्रामो को अपनी चपेट में ले लिया है। वहीं पचावली, भडौता, अनंदपुर, सड, घुरवार सहित सभी पुल जल मग्न हो गये है। पचावली पुल से लगभग 12 फीट ऊपर नदी वह रही है। जिसके कारण देहरदा से अशोकनगर का आवागमन रूक गया है एवं घुरवार पुल एवं रपटे के ऊपर पानी जाने से खतौरा - बदरवास मार्ग भी बंद हो गया है। सिंध नदी अभी भी उफान पर है जिससे खतरे के संकेत मिल रहे है भारी वर्षा के ़कारणआस-पास के ग्रामीणो का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया एवं सिंध नदी किनारे लगे हुये गांव साखनौर, पिपरौदा बुजुर्ग, टामकी, संगेश्वर, अंनदपुर, पचावली, सड, विजरौनी, भडौता, लालपुर, हरिपुर, लगदा आदि गांवो में  किसानो की फसले चौपट हो गई है। पिपरौदा बुजुर्ग से पचावली को जोडने बाली प्रधानमंत्राी ग्राम सडक भी जल मग्न हो गई है जिससे एक दर्जन से अधिक ग्रामो का सम्पर्क टूट गया है। 
बदरवास से 14 किलो मीटर दूर रेझा घाट गांव बीती रात उफनी सिंध नदी के चलते टापू में तब्दील हो गया है। जिला प्रशासन ने ग्वालियर की एनडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया। रात भर इंतजार के बाद अलसुबह टीम ने इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और महिलाओं बच्चों समेत कई बुजुर्गों को अशोकनगर इलाके के रावसर ग्राम के एक सुरक्षित स्कूल में पहुंचा दिया। सिंध नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बदरवास के कई गांवों में सिंध नदी का पानी घुस गया है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। वहीं रेशम माता का मंदिर भी सिंध नदी में आए उफान के चलते डूब गया है। अगर इसी तेजी से सिंध नदी का जलस्तर बढ़ा तो अटल सागर मड़ीखेड़ा डैम के गेट खोले जा सकते हैं। निचले इलाकों में अभी से ही अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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