दो दिग्गजो में बर्चस्व की जंग, आईएएस तिवारी निर्णायक भूमिका में



हरीश भार्गव- हार्दिक गुप्ता (हैप्पी) -कोलारस-बदरवास-कोलारस परगने के लोग इस समय धर्म संकट की स्थिति में बने हुये है लोग यह समझ नही पा रहे है कि वह अपनी समस्या लेकर जांये तो जांये कहां क्यो कि कोलारस परगने में इस समय तीन पावर सेन्टर दिखाई दे रहे है। जिनमें कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी विधायक होने के साथ-साथ टीम मोदी के सदस्य केपी यादव के नजदीक है जो कि अपनी राजनीति का संचालन अपने ग्रह निवास शिवपुरी से संचालित किये हुये है। दूसरे पावर सेन्टर इन दिनो खतौरा में दिखाई दे रहा है यहां पूर्व विधायक महेन्द्र यादव प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने केे कारण कोलारस परगने में खतौरा से कोलारस परगने की राजनीति का संचालन कर रहे है। पावर सेन्टर की ही हम बात करें तो कोलारस के अनुविभागीय अधिकारी आईएएस आशीष तिवारी फिर भला पीछे रहने बाले कहां है। माफियाओ से लेकर अबैध कार्य करने बालो में नकेल कसके नियमानुसार कार्यवाही करना तथा किसी नेता की शिफारिश न मानने के कारण तीसरे पावर सेन्टर के रूप में कोलारस का अनुविभाग कार्यालय इन दिनो बना हुआ है। इनसे पूर्व जितने भी एसडीएम रहे वह विधायक एवं सरकार से लेकर प्रभावशाली नेताओ की कठ पुतली के रूप में राजनैतिक एवं लेन-देन के चलते एसडीएम की जगह नाममात्र का कार्य करते रहे है। जबकि आईएएस तिवारी ने बता दिया है कि एसडीएम क्या होता है और इसका पावर कितने मायने रखता है। 


 टोल की लडाई का बदला थाना प्रभारी से चुका कर विधायक रघुवंशी ने दिखाया दम
कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी जब से राजनीति में आये है तब से वह कुछ न कुछ हटकर कार्य करने की शैली के चलते चर्चाओ में बने रहते है। प्रचार प्रसार से दूर रहने बाले वीरेन्द्र रघुवंशी कोलारस विधायक  बनने के पहले से अपनी कार्य शैली के चलते चर्चाओ में बने रहे वीरेन्द्र रघुवंशी सिंध से निकलने बाली रेत उत्खन्न पर अंकुश लगाने के लिए कोलारस एवं बदरवास क्षेत्र में भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्टॉप डेम की स्वी$कृति दिलाकर सिंध नदी पर स्टॉप डेम बनाने में मुख्य भूमिका अदा की जिसके चलते सिंध से निकलने बाली अबैध रेत उत्खनन पर सिंध में पानी भर जाने के कारण तीन माह की जगह छ: माह तक अबैध रेत उत्खनन पर अंकुश लगाने में कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी की अहम भूमिका रही इसके बाद वीरेन्द्र रघुवंशी विधायक बनने के बाद हर समय फोन उठाने से लेकर लोगो के बीच बने रहने के कारण कोलारस के लोगो की पहली पसंद बने इसके साथ- साथ विगत कुछ माह पूर्व पूरनखेडी टोल टैक्स कर्मचारियो द्वारा जब कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी के रिश्तेदारो पर मारपीट का मामला दर्ज कराया तो रघुवंशी ने उसका बदला राजनैतिक मामला दर्ज करने बालो को हटवाकर अपनी ताकत का परिचय दिया। इसके साथ-साथ राजनैतिक विरोधी जन प्रतिनिधियो की संस्थाओ से लेकर भ्रष्टïाचार मे लिप्त अधिकारियो एवं संस्थाओ के विरूद्घ विधानसभा में सवाल उठाकर उन्हे विधायक होने का एहसास कोलारस विधायक रघुवंशी ने कराया। सिंधिया जैसे अजेय योद्घा को कोलारस विधानसभा क्षेत्र से करीब 3 हजार मतो से हराने के कारण बर्तमान सांसद केपी यादव का दिल जीत कर टीम मोदी के सदस्य केपी यादव से नजदीकी के कारण कोलारस विधायक कोलारस की राजनीति का बर्तमान में पावर सेन्टर दिखाई दे रहे है। भले ही उनकी पार्टी के कार्यकर्ता उनकी जीत को अभी तक पचा नही पा रहे किन्तु अपनी कार्य शैली के कारण कोलारस विधायक रघुवंशी प्रदेश में सरकार न होने के बाबजूद भी कोलारस की राजनीति का पावर सेन्टर बने हुये है। 


चुनाव हारने के बाद भी महाराज के आशीर्वाद से विधायक की तरह कार्य करते महेन्द्र यादव
भले ही गुरू-चेला चुनाव हार गये हो किन्तु प्रदेश में कांग्रेस की सरकार तथा सरकार में एक दर्जन के आस-पास महल के करीबी विधायको का मंत्री मण्डल में शामिल होना तथा मुख्यमंत्री कमलनाथ का सिंधिया के पत्र पर कार्य करने के कारण गुरू सिंधिया, चेला महेन्द्र यादव भले ही चुनाव हार गये हो किन्तु सिंधिया के विश्वास पात्र कांग्रेसियो में महेन्द्र यादव का नाम कोलारस परगने में सबसे आगे होने के कारण महेन्द्र यादव विधायको की तरह चाल ढाल के साथ कार्य करते हुये दिखाई दे रहे है। महेन्द्र यादव स्वयं तथा अपने गुरू सिंधिया के चुनाव हारने के बाद कुछ समय शान्त रहे किन्तु बर्तमान में पूर्व विधायक  महेन्द्र यादव विधायक की तरह सुरक्षा गार्ड शासकीय गनमैन के साथ अपनी निजी कार से विधायको की तरह उतर कर शासकीय कार्यालयो में जाकर लोगो की समस्याऐं निपटाने में जुटे हुये है। इतना ही नही पुलिस से लेकर राजस्व एवं सचिव से लेकर पटवारी एवं शिक्षक से लेकर सैल्समैन तक अपनी नजदीकी लोगो को लाकर कोलारस के पूर्व विधायक महेन्द्र यादव भले ही चुनाव हार गये हो किन्तु प्रदेश में कांग्रेस की सरकार तथा सिंधिया के विश्वास पात्र होने के कारण महेन्द्र यादव विधायक की तरह कार्य करते हुये दिखाई दे रहे है। महेन्द्र यादव यादवी गढ कोलारस विधानसभा में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लोगो की सेवा तथा हर समय तैयार बने हुये है जिसके चलते कोलारस विधानसभा क्षेत्र का पावर सेन्टर महेन्द्र यादव ने अपने निज निवास खतौरा में बना रखा है। जहां सुबह से लेकर शाम तक समस्याऐं लेकर आने बाले विधानसभा क्षेत्र के लेागो की कतारें देखी जा सकती है। 

बामौर के्रशर माफियाओ पर करोडो का जुर्माना, मशीनरी जप्त कर एसडीएम तिवारी ने दिखाया पावर
कोलारस परगने के इतिहास में काफी लम्बे अंतराल के बाद एसडीएम के पद पर आईएएस का टे्रनी अधिकारी का आगमन हुआ है इनसे पूर्व ट्रेनी महिला आईएएस ने राजस्व विभाग से लेकर पटवारियो में अपनी ताकत का परिचय दिया था जो कि काफी समय तक चर्चा में भी रहीं थी। किन्तु चंद माह के अल्प कार्यकाल में ही कोलारस के एसडीएम आशीष तिवारी ने अपने पद की ताकत का परिचय कराया है कि एक एसडीएम क्या होता है। तिवारी ने पदभार संभालते ही स्वयं के कार्यालय में चलने बाली घूसखोरी पर सबसे पहले लगाम लगाई उसके बाद खाद्य विभाग में फैले भ्रष्टïाचार को कम करने का प्रयास किया इसी क्रम में तिवारी ने बामौर क्रेशर प्लान्ट पर पहुंच कर क्रेशर माफियाओ के ऊपर नकेल कसते हुये करोडो का जुर्माना एवं कई एलएनटी मशीन से लेकर डम्पर जप्त कर गिटटी माफियाओ को बताया कि एसडीएम का पावर क्या होता है। गिटटी माफियाओ से लेकर रेत माफियाओ की रेत जप्त कर डम्पर एवं टै्रक्टरो से अबैध उत्खनन करने बाले लोगो में भय का इतना माहौल बनाया कि माफिया माईनिंग विभाग के अधिकारियो से ज्यादा कोलारस एसडीएम आशीष तिवारी से भय खाने लगे। जनपद पंचायत, नगर निकाय, मण्डी से लेकर खाद्य विभाग भले ही एसडीएम तिवारी की कार्यवाही से बच गये हो किन्तु खनन माफियाओ में पहली बार किसी एसडीएम का भय दिखाई दिया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता के विश्वास के कारण अनेक शिकायते होने के बाद भी ट्रेनी आईएएस आशीष तिवारी कोलारस में जमे रह कर पहली बार प्रशासनिक अधिकारी के साथ-साथ पावर का सेन्टर अनुविभाग कार्यालय को बनाने में कामयाब हो पाये है। विधायक रघुवंशी से लेकर पूर्व विधायक महेन्द्र यादव एवं  एसडीएम आशीष तिवारी में सबसे ज्यादा ताकतवर यानि कि प्रभावशाली कौन है इसको लेकर लोगो की अलग-अलग प्रतिक्रियायें सुनने को मिल रही है। किन्तु तीनो ने किन-किन कारणो से अपना बर्चस्व कायम किया है हमने उन विंदुओ को उठाया है। 

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