
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का हाथ थाम कर कंप्यूटर बाबा ने सरकार बनाने की कसम खाई थी. अब जबकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और कंप्यूटर बाबा नदी न्यास समिति के अध्यक्ष भी, तब भी बाबा नाराज हैं. अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे बाबा अब कांग्रेस सरकार के लिए सिरदर्द बन चुके हैं.
नर्मदा नदी से रेत के अवैध उत्खनन के खिलाफ वह संतों की टोली के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. सुबह से लेकर शाम तक कंप्यूटर बाबा संतों की टोली के साथ नर्मदा किनारे बैठ जा रहे हैं. बाबा कभी धूनी रमाते हैं तो कभी नदी किनारे ही संतो के साथ बैठक कर रहे हैं. कंप्यूटर बाबा का कहना है कि नदी न्यास का अध्यक्ष होने के कारण उनका यह लक्ष्य है कि नदियों से रेत का अवैध उत्खनन न हो.
खनिज मंत्री की 'बाबा' को नसीहत
कंप्यूटर बाबा के इस धरने से सबसे ज्यादा किरकिरी कमलनाथ सरकार के खनिज विभाग की हो रही है. रेत उत्खनन इसी विभाग के अंतर्गत आता है. यही वजह है कि कंप्यूटर बाबा के इस प्रदर्शन पर खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल ने 'आज तक' से बात करते हुए बाबा को नसीहत दे डाली. उन्होंने कहा है कि कंप्यूटर बाबा को नर्मदा नदी के लिए योजना बनाने का काम करना चाहिए.
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