श्योपुर के जज का एक्सीडेंट, मौत, कार में फंस गई बॉडी




मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में पदस्थ JMFC सुरेंद्र सिंह कुशवाह हादसे का शिकार हो गए। उनकी i20 कार सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर में जा घुसी। इस एक्सीडेंट में श्री कुशवाहा की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी बॉडी कार के अंदर फस गई। समाचार लिखे जाने तक बॉडी को निकालने की कोशिश की जा रही थी। 

घटना शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र की है। न्यायधीश सुरेंद्र सिंह कुशवाह उम्र 45 साल अपनी i20 कार क्रमांक MP07-CE 2053 मैं सवार होकर ग्वालियर से आ रहे थे। श्री कुशवाहा अपनी कार को ड्राइव कर रहे थे। सतनवाड़ा में कुलदीप ढाबा के सामने जहां फोरलेन खत्म होती है, उनकी कार अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े कंटेनर में जा घुसी। इस दर्दनाक हादसे में न्यायधीश श्री कुशवाहा की मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव कार में फस गया।]

जज की मौत के बाद एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग
सीनियर एडवोकेट विजय तिवारी ने सतनवाड़ा थाने को दिया आवेदन

शिवपुरी से ग्वालियर के बीच बनाए गए नवनिर्मित फोरलेन हाईवे की हालत खराब होने के बाद यहां शनिवार को श्योपुर में पदस्थ एक जज की मौत हो गई। जज की मौत के बाद शिवपुरी के सीनियर एडवोकेट विजय तिवारी ने एनएचएआई के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सतनवाड़ा थाने में आवेदन दिया है। सीनियर एडवोकेट विजय तिवारी का आरोप है कि शिवपुरी-ग्वालियर फोरलेन की हालत खराब है और घटिया निर्माण के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। शनिवार को श्योपुर में पदस्थ सुरेंद्र सिंह कुशवाह की मौत हो गई। एडवोकेट विजय तिवारी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि एनएचएआई की लापरवाही और उदासीनता के कारण आए दिन इस मार्ग पर दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोग असमय मौत का शिकार हो रहे हैं इसलिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश गुप्ता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। एडवोकेट विजय तिवारी ने इस संबंध में सतनवाड़ा थाना प्रभारी को आवेदन दिया है। एडवोकेट का आरोप है कि पूर्व में भी उन्होंने शिवपुरी-ग्वालियर गुना हाईवे को सुधारने के लिए एनएचएआई अधिकारियों को सूचना पत्र भेजे थे लेकिन उसके बाद भी सड़क को सुधारने का काम नहीं किया गया। आए दिन इस सड़क मार्ग पर दुर्घटना हो रही है और लोग असमय मौत का शिकार हो रहे हैं। एडवोकेट का आरोप है कि एनएचएआई के अधिकारी टोल टैक्स के नाम पूरा पैसा वाहन मालिकों से ले रहे हैं उसके बाद भी सड़क को सुधारने का काम यहां नहीं किया जा रहा है।

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